पंजाब सरकार की ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत राज्य के लाखों परिवारों को जरूरी खाद्य सामग्री वाली राशन किट दी जा रही है। योजना का लक्ष्य करीब 40.48 लाख पात्र परिवारों तक हर तिमाही राशन किट पहुंचाना है। जुलाई 2026 तक 33.86 लाख से ज्यादा परिवारों को किट मिलने की जानकारी सामने आई थी।
आटा ही नहीं, दाल और तेल भी
इस योजना की खास बात यह है कि लाभार्थियों को सिर्फ गेहूं तक सीमित नहीं रखा गया है। राशन किट में 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 1 लीटर सरसों का तेल और 200 ग्राम हल्दी शामिल है। यह सामग्री NFSA के तहत मिलने वाले गेहूं के अलावा दी जाती है।
सरकार ने इस योजना को तिमाही आधार पर चलाने की व्यवस्था की है। इससे पात्र परिवारों को रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजों के लिए अलग से खर्च कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार के अनुसार, योजना का मकसद खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है।
घर के बजट पर सीधा असर
दाल, चीनी, तेल, नमक और मसाले जैसी चीजें हर घर की रोजमर्रा की जरूरत हैं। ऐसे में इन वस्तुओं की मुफ्त किट मिलने से कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के घरेलू बजट पर दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है। पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में योजना के लिए ₹900 करोड़ का प्रावधान भी रखा है।
गेहूं के साथ मिल रही अतिरिक्त सामग्री
पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिलने वाले गेहूं के साथ यह अतिरिक्त राशन किट उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में करीब 40 लाख परिवार पहले से मुफ्त गेहूं योजना का लाभ लेते हैं।
