
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम शुरू की है, जिसका असर दूसरे दिन भी देखने को मिला। रविवार को पंजाब पुलिस ने राज्यभर में 510 स्थानों पर छापेमारी कर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस दौरान 27 एफआईआर दर्ज की गईं और 43 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस मुहिम के सिर्फ दो दिनों में कुल 333 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे यह साफ हो गया है कि सरकार इस लड़ाई में पूरी तरह गंभीर है।
बड़ी मात्रा में नशीला सामान बरामद
इस अभियान में पुलिस ने 776 ग्राम हेरोइन, 14 किलो अफीम, 38 किलो भुक्की, 2615 नशीली गोलियां/इंजेक्शन और 4.60 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की है। यह अभियान डीजीपी पंजाब, गौरव यादव के निर्देशानुसार सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में एक साथ चलाया गया।
पंजाब को तीन महीनों में नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को अगले तीन महीनों में पंजाब को नशामुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान की निगरानी के लिए सरकार ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी का गठन भी किया है।
2000 से अधिक पुलिसकर्मी और 300 टीमों ने की छापेमारी
स्पेशल डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए 101 गजटेड अधिकारियों की निगरानी में 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों की 300 से अधिक टीमों ने राज्यभर में छापेमारी की। इस दौरान 619 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच भी की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, जब तक राज्य से नशे का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता।
नशे के उन्मूलन के लिए तीन-स्तरीय रणनीति – ईडीपी
स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि पंजाब सरकार ने नशे के खात्मे के लिए तीन-स्तरीय रणनीति – प्रवर्तन (Enforcement), नशामुक्ति (De-addiction) और रोकथाम (Prevention) यानी ईडीपी मॉडल लागू किया है।
1. प्रवर्तन (Enforcement): नशा तस्करों और उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है।
2. नशामुक्ति (De-addiction): नशे के आदी लोगों का इलाज करवाकर उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
3. रोकथाम (Prevention): जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जा रहा है ताकि वे इस मुहिम का हिस्सा बनें।
सिर्फ छापेमारी ही नहीं, जनता को किया जा रहा जागरूक
पंजाब पुलिस सिर्फ गिरफ्तारी और छापेमारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जनता को भी नशे के खिलाफ जागरूक कर रही है। रविवार को सभी 28 पुलिस जिलों में कुल 510 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जागरूकता शिविर, सेमिनार और जनसभाएं शामिल थीं। पुलिस का मानना है कि जब तक जनता इस मुहिम में पूरी तरह शामिल नहीं होगी, तब तक नशे के खिलाफ यह लड़ाई पूरी तरह सफल नहीं होगी।
नशा तस्करों के लिए पंजाब में अब कोई जगह नहीं
पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके नतीजे साफ नजर आ रहे हैं। नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और आम जनता को भी इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस का यह संकल्प है कि अगले तीन महीनों में राज्य को पूरी तरह नशामुक्त किया जाए। इस अभियान का असर हर बीतते दिन के साथ दिख रहा है और यह निश्चित रूप से पंजाब के भविष्य को नशे से मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।