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पंजाब विधानसभा ने आज ‘पंजाब वाटर रिसोर्सेज (प्रबंधन और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025’ को पारित कर दिया है। इस महत्वपूर्ण विधेयक को जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सदन में पेश किया। इस विधेयक के जरिए 2020 में बनाए गए पंजाब जल संसाधन अधिनियम में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे जल प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सके।
क्या है यह नया संशोधन?
1. चेयरपर्सन और सदस्यों की आयु सीमा तय
इस संशोधन के तहत, अब कोई भी व्यक्ति पंजाब जल प्रबंधन और विकास प्राधिकरण (Punjab Water Management and Development Authority) का अध्यक्ष (चेयरपर्सन) या सदस्य नहीं बन सकेगा, यदि वह 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है। पहले इस पर कोई स्पष्ट नियम नहीं था, लेकिन अब अधिकतम आयु सीमा तय कर दी गई है।
2. कार्यकाल की समय-सीमा
अब चेयरपर्सन और अन्य सदस्य तीन वर्ष से अधिक समय तक अपने पद पर नहीं रह सकेंगे। उनका कार्यकाल पद संभालने की तिथि से शुरू होगा। हालाँकि, यदि उनका प्रदर्शन और प्रबंधन उत्कृष्ट रहता है, तो उनका कार्यकाल पाँच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
धारा 9 में भी हुआ अहम संशोधन
इस विधेयक में 2020 अधिनियम की धारा 9 में भी बदलाव किया गया है। इसके अनुसार, जल संसाधन प्राधिकरण द्वारा वसूले गए सभी शुल्क, चार्ज और फंड अब सीधे सरकारी खजाने में जमा किए जाएंगे। इससे जल संसाधनों से मिलने वाली आमदनी का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और इसे सरकारी योजनाओं के लिए पारदर्शी तरीके से उपयोग किया जा सकेगा।
विधेयक क्यों लाया गया?
- पंजाब में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है, इसलिए जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और उपयोग जरूरी हो गया है।
- जल प्रबंधन प्राधिकरण में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सदस्यों की अधिकतम आयु सीमा और कार्यकाल की अवधि तय की गई है।
- संसाधनों से मिलने वाली आमदनी को सीधे सरकारी खजाने में जमा करने से जल प्रबंधन में वित्तीय गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा।
इस संशोधन का क्या असर होगा?
- जल संसाधन प्राधिकरण में युवा और योग्य लोगों को अधिक मौके मिलेंगे।
- जल संसाधनों की आमदनी का सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
- जल संकट को दूर करने और जल संरक्षण की योजनाओं को मजबूती मिलेगी।
पंजाब सरकार का यह नया संशोधन जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे जल संसाधनों का सही इस्तेमाल होगा और भविष्य में पानी की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी।