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पंजाब-हरियाणा की खनौरी सीमा पर पिछले 93 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत अचानक खराब हो गई। उनकी ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद बुखार 103.6 डिग्री तक पहुंच गया।
डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी
डल्लेवाल की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रही है। उन्हें बुखार कम करने के लिए सिर पर ठंडी पट्टियां रखी जा रही हैं। डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके यूरिन टेस्ट में कीटोन पॉजिटिव आया है, जो शरीर में कमजोरी और ऊर्जा की कमी को दर्शाता है।
क्या कह रहे हैं किसान नेता?
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने जानकारी दी कि डल्लेवाल की सेहत कल रात से बिगड़ रही थी और आज सुबह 5 बजे तेज बुखार हो गया। डॉक्टरों ने इस स्थिति को गंभीर बताया है, लेकिन डल्लेवाल अब भी अपने आंदोलन को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आज होगी आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस
डल्लेवाल की बिगड़ती हालत को देखते हुए आज शाम 5 बजे दाता सिंहवाला-खनौरी किसान मोर्चा की ओर से एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा की जाएगी और सरकार से जल्द से जल्द समाधान निकालने की मांग की जाएगी।
किसानों से खनौरी बॉर्डर पर जुटने की अपील
किसान नेताओं ने सभी किसानों और आम जनता से खनौरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ किसानों का नहीं, बल्कि हर नागरिक का संघर्ष है। अगर सभी एकजुट होंगे, तो सरकार को किसानों की मांगें माननी ही पड़ेंगी।
आंदोलन को मिलेगी मजबूती?
डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन को और अधिक समर्थन मिलने की संभावना है। किसानों का कहना है कि वे अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना ही होगा।
अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और किसान आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।