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ईडी (इंफोर्समेंट डिपार्टमेंट) ने जालंधर और चंडीगढ़ में अवैध तरीके से लोगों को अमेरिका भेजने वाले गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। यह गिरोह नकली दस्तावेज और फर्जी एंट्री फीस दिखाकर लोगों को विदेश भेजने का झांसा देता था।
इमीग्रेशन फर्जीवाड़े पर शिकंजा
केंद्रीय एजेंसी ईडी ने लगातार दो दिन छापेमारी कर 19 लाख रुपये नकद और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। चंडीगढ़ में 5 इमीग्रेशन कंपनियों के घरों और दफ्तरों की तलाशी ली गई। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई, उनमें शामिल हैं:
- रेड लीफ इमीग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड
- एम.एस. ओवरसीज पार्टनर एजुकेशन कंसल्टेंसी
- एम.एस. इनफोविज़ सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस
इन कंपनियों पर इमीग्रेशन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान ईडी की टीम ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और 19 लाख रुपये बरामद किए।
अमेरिकी दूतावास से मिली शिकायत
ईडी की यह कार्रवाई पंजाब और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। पुलिस को दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से कई शिकायतें मिली थीं।
जांच में पाया गया कि इन इमीग्रेशन कंपनियों ने अमेरिका भेजे गए लोगों के स्टडी और वर्क वीजा में फर्जी दस्तावेज और एंट्री का इस्तेमाल किया था। वे लोगों को अमेरिका भेजने के लिए बिना बैंक बैलेंस दिखाए फर्जी फंड्स का इस्तेमाल करते थे। इसके बदले यह कंपनियां मोटी रकम वसूलती थीं और इस पैसे से चल-अचल संपत्तियां खरीदीं।
ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि इन पैसों का इस्तेमाल कहां किया गया।
क्रिप्टो करेंसी घोटाले पर भी एक्शन
ईडी ने हरियाणा में भी क्रिप्टो करेंसी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 6 ठिकानों पर छापेमारी की।
इस कार्रवाई में:
- 17.20 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करेंसी जब्त की गई।
- कई मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
- मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
कैसे चल रहा था घोटाला?
जांच में पता चला कि यह गिरोह मोबाइल ऐप्स के जरिए लोगों को झांसा देकर क्रिप्टो करेंसी में निवेश करवाता था।
हरियाणा के हिसार के महेश कुमार और उसके तीन साथी (भिवानी के निवासी) इस घोटाले को चला रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
क्या था इनका तरीका?
- क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लोगों से पैसा लेते थे।
- ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी ऐप्स के जरिए करोड़ों रुपये का गोरखधंधा चलाते थे।
- किसी को मोटे मुनाफे का लालच दिखाकर फंसाते थे।
- जो लोग पैसे लगाते थे, उन्हें धोखे में रखकर सारा पैसा हड़प लेते थे।
- ईडी ने अवैध इमीग्रेशन और क्रिप्टो घोटाले पर बड़ा एक्शन लिया।
- पंजाब और चंडीगढ़ में 19 लाख रुपये नकद और कई डिजिटल सबूत जब्त हुए।
- हरियाणा में 17.20 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करेंसी पकड़ी गई।
- फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों को विदेश भेजने का पर्दाफाश हुआ।
- क्रिप्टो करेंसी घोटाले में ऑनलाइन गेमिंग और ऐप्स का दुरुपयोग किया जा रहा था।
ईडी अब इन मामलों की गहराई से जांच कर रही है और इसमें शामिल सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।