कभी एक-दूसरे के बेहद करीबी रहे अरबपति कारोबारी एलन मस्क और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते अब कड़वाहट में बदलते जा रहे हैं। हाल ही में दोनों के बीच हुए एक वाद-विवाद ने इस टकराव को और तेज़ कर दिया है। एक समय था जब मस्क ने ट्रंप का खुलकर समर्थन किया था, चुनाव प्रचार में मदद की थी और अरबों डॉलर का फंड भी दिया था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और दोनों एक-दूसरे पर खुलकर हमला कर रहे हैं।
ट्रंप और मस्क के बीच क्या हुआ?
मस्क ने ट्रंप के कुछ आर्थिक बिलों का विरोध किया, जिससे दोनों के बीच मतभेद शुरू हुए। जवाब में ट्रंप ने मस्क की आलोचना करते हुए कहा कि मस्क “अपना दिमाग खो चुका है”। ट्रंप ने ये भी इशारा किया कि उनकी सरकार स्पेसएक्स जैसी मस्क की कंपनियों के साथ हुए समझौतों की समीक्षा कर सकती है। बाद में ट्रंप ने अपना बयान थोड़ा नरम किया और कहा कि उन्हें मस्क का विरोध करने से कोई दिक्कत नहीं, लेकिन ऐसा पहले ही कर देना चाहिए था।
मस्क ने भी पलटवार करते हुए नासा मिशन को रोकने की धमकी दी, हालांकि बाद में उन्होंने यह धमकी वापस ले ली।
रूस ने मस्क को दिया शरण का ऑफर
इस पूरी गहमागहमी के बीच रूस ने मौके का फायदा उठाने की कोशिश की है। रूस की संसद की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के उपाध्यक्ष दमित्री नोविकोव ने कहा कि अगर मस्क चाहें तो रूस उन्हें राजनीतिक शरण देने के लिए तैयार है। जब दामित्री से पूछा गया कि क्या मस्क को एडवर्ड स्नोडेन की तरह शरण दी जा सकती है, तो उन्होंने कहा, “मस्क एक खास शख्सियत हैं और उन्हें शायद इसकी ज़रूरत नहीं, लेकिन अगर वो चाहते हैं तो रूस तैयार है।”
गौरतलब है कि रूस पहले भी कई पश्चिमी आलोचकों को शरण दे चुका है, जैसे ब्रिटिश ब्लॉगर ग्राहम फिलिप्स और अमेरिकी व्हिसलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन।
अमेरिका में मस्क के खिलाफ अभियान
इस बीच ट्रंप के पूर्व रणनीतिकार स्टीव बैनन, जो मस्क के कट्टर आलोचक हैं, ने मस्क को अमेरिका के लिए खतरा बताया है। बैनन ने कहा कि मस्क एक अवैध अप्रवासी हैं और उनकी नागरिकता की जांच होनी चाहिए। उन्होंने अमेरिकी सरकार से मांग की कि स्पेसएक्स को रक्षा उत्पादन अधिनियम के तहत जब्त कर लिया जाए।
मस्क की नई पार्टी और रूस की प्रतिक्रिया
मस्क हाल ही में एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने ट्विटर (अब X) पर इस बारे में पोल भी कराया है, जिससे अटकलें तेज हो गई हैं कि वह अमेरिकी राजनीति में गहरी एंट्री करने की सोच रहे हैं।
बैनन के बयानों पर रूस के दामित्री नोविकोव ने कहा कि यह अमेरिका का आंतरिक मामला है और रूस इसमें दखल नहीं देगा। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि ट्रंप इस विवाद को जल्द सुलझा लेंगे, हालांकि रूस की तरफ से मस्क को शरण का प्रस्ताव साफ संकेत देता है कि क्रेमलिन इस मौके को गंवाना नहीं चाहता।
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बढ़ता तनाव अमेरिका की राजनीति में हलचल मचा रहा है। वहीं, रूस की सक्रियता इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मस्क की भूमिका अब सिर्फ एक बिजनेसमैन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वह राजनीतिक समीकरणों का भी अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।
