पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपने छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक नया कदम उठाया है। अब डुप्लीकेट सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, ट्रांसक्रिप्ट और डब्ल्यू.ई.एस. (WES) जैसी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने हेतु बोर्ड ने अपने मुख्य कार्यालय में एक अलग काउंटर शुरू किया है।
हालांकि पहले भी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर इन सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन बहुत से छात्र ऐसे होते हैं जो सीधे मुख्य दफ्तर पहुँचते हैं और उन्हें यहीं आकर यह जानकारी मिलती है कि आवेदन ऑनलाइन होता है। ऐसे में वे बाहर जाकर किसी निजी साइबर कैफे से फॉर्म भरवाते हैं, जहां उनसे मनमर्जी से पैसे वसूले जाते हैं।
बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से यह देखा गया है कि कुछ प्राइवेट साइबर कैफे मालिक इन ऑनलाइन सेवाओं का गलत फायदा उठा रहे थे। वे छात्रों से फॉर्म भरने के नाम पर भारी-भरकम फीस वसूल रहे थे।
छात्रों और उनके माता-पिता से सिंगल विंडो पर मिली शिकायतों के आधार पर यह फैसला लिया गया कि शिक्षा बोर्ड खुद एक अलग काउंटर स्थापित करे, ताकि छात्र ऑनलाइन सेवाओं का लाभ सीधे बोर्ड से ही ले सकें और किसी तरह की ठगी का शिकार न हों।
अब इस नए काउंटर के जरिए छात्र बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। यहां बोर्ड के कर्मचारी खुद छात्रों की मदद करते हैं, जिससे न तो छात्रों का समय खराब होता है और न ही उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
इस पहल को लेकर छात्रों और उनके अभिभावकों ने शिक्षा बोर्ड की काफी सराहना की है। हर दिन लगभग 45 से 50 छात्र इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। इससे बोर्ड पर भी भरोसा और मजबूत हुआ है कि वह सिर्फ परीक्षा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों की सुविधा और हक के लिए ठोस कदम भी उठा रहा है।
इस काउंटर के शुरू होने से एक तरफ जहां छात्रों को समय की बचत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें आर्थिक रूप से भी राहत मिली है। इसके साथ ही शिक्षा बोर्ड ने यह भी संदेश दिया है कि वह छात्रों के हित में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
कुल मिलाकर यह कदम छात्रों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आया है और उम्मीद है कि भविष्य में भी शिक्षा बोर्ड ऐसे और प्रयास करेगा जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
