पंजाब सरकार ने किसानों को घटिया और गैर-कानूनी खेतीबाड़ी उत्पादों से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के कृषि और किसान कल्याण विभाग की उड़नदस्ते ने मोगा जिले के गांव साहोके में एक गोदाम पर छापेमारी कर नकली खाद और कीटनाशक बरामद किए हैं। इसके बाद उस गोदाम को सील कर दिया गया है।
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गोदाम में चल रहा था गैर-कानूनी स्टॉक
पंजाब के कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने जानकारी दी कि यह गोदाम कोटकपूरा के पियूष गोयल द्वारा चलाया जा रहा था। यहां नियमों के खिलाफ बड़ी मात्रा में खाद और कीटनाशक जमा किए गए थे। गोदाम से बरामद कई पैकेट्स पर न तो निर्माण तिथि थी और न ही बैच नंबर, जिससे इनके नकली होने का संदेह पैदा हुआ।
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सैंपल लिए गए, FIR भी दर्ज
उड़न दस्ते का नेतृत्व डॉ. नरिंदर सिंह बैनीपाल (जॉइंट डायरेक्टर) और मोगा के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह ने किया। टीम ने खाद के 3 सैंपल और कीटनाशक के 2 सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
कार्रवाई के तहत खाद नियंत्रण आदेश 1985, कीटनाशक अधिनियम 1968, कीटनाशक नियम 1971, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और भारतीय दंड संहिता 2023 के अंतर्गत थाना समालसर (मोगा) में FIR दर्ज की गई है।
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किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
मंत्री खुड्डियां ने किसानों से अपील की कि वे सिर्फ अधिकृत डीलरों से ही खाद और कीटनाशक खरीदें और हर खरीदारी पर पक्का बिल जरूर लें। उन्होंने कहा कि नकली या घटिया उत्पादों से फसल को नुकसान होता है और किसान आर्थिक रूप से भी लुटते हैं।
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मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति
खुड्डियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार ने किसानों के साथ धोखा करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नकली और अवैध खेतीबाड़ी उत्पाद बेचने वालों के लिए कोई राहत नहीं होगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि पूरे राज्य में अधिक छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे ताकि नकली उत्पादों का जाल पूरी तरह खत्म किया जा सके।
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इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि पंजाब सरकार किसानों को सुरक्षित, गुणवत्ता-युक्त और प्रमाणिक उत्पाद उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गैर-कानूनी खेतीबाड़ी उत्पाद सिर्फ फसल और मिट्टी को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि किसान की मेहनत और भरोसे पर भी चोट करते हैं। सरकार की इस सख्त नीति से नकली माल बेचने वालों पर नकेल कसी जा रही है।
किसानों से आग्रह है कि किसी भी संदेह की स्थिति में विभाग को तुरंत सूचित करें और अपने अधिकारों की रक्षा करें।
