पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत बुधवार को एक बड़ा एक्शन सामने आया। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी अमृतसर स्थित उनके आवास पर छापेमारी के बाद हुई।
25 ठिकानों पर छापेमारी
विजिलेंस की इस बड़ी कार्रवाई के तहत पंजाब के कुल 25 ठिकानों पर छापे मारे गए, जिनमें से 9 स्थान अमृतसर में मजीठिया से जुड़े थे। इस छापेमारी का संबंध 2021 में दर्ज हुए ड्रग्स मामले और एक नए मामले — आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) — से बताया जा रहा है।
मजीठिया ने बताया सियासी बदला
गिरफ्तारी के बाद बिक्रम मजीठिया ने इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें ड्रग्स केस में फंसाया गया था, जिसमें कुछ साबित नहीं हुआ। अब उन्हें एक नए झूठे केस में फंसाया जा रहा है। उनकी पत्नी और SAD विधायक गनीव कौर ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की टीम बिना किसी सूचना के घर में घुसी और उनके बच्चों को डराया गया।
SAD कार्यकर्ताओं का विरोध
गिरफ्तारी के बाद जब मजीठिया को मोहाली ले जाया जा रहा था, तब SAD कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विजिलेंस अधिकारियों और SAD समर्थकों के बीच हल्की झड़प भी हुई। वहीं, कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने भी बिक्रम मजीठिया के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि पंजाब “पुलिस स्टेट” बनता जा रहा है, जहां नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
कोई आधिकारिक जानकारी नहीं
फिलहाल विजिलेंस ब्यूरो की ओर से छापेमारी में क्या मिला, इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। मजीठिया पहले भी ड्रग्स मामले में जेल जा चुके हैं, लेकिन अगस्त 2022 में उन्हें जमानत मिल गई थी।
बिक्रम मजीठिया SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के साले हैं और पार्टी के बड़े चेहरे माने जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी को पंजाब की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
