पंजाब सरकार अब खराब प्रदर्शन करने वाले कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्ती बरतने जा रही है। कृषि और किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने साफ कहा है कि किसानों के साथ कोई समझौता नहीं होगा और गुणवत्ता कंट्रोल मुहिम में पिछड़ने वाले जिलों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
साप्ताहिक समीक्षा और जवाबदेही तय
मंत्री स. खुड्डियां ने विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग के साथ मिलकर खरीफ सीजन की तैयारियों, चल रही योजनाओं और गुणवत्ता जांच की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अब सभी जिलों की सैंपलिंग और निरीक्षण प्रक्रिया की हर हफ्ते समीक्षा की जाएगी ताकि लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय की जा सके।
घटिया कृषि उत्पादों पर कड़ी कार्रवाई
बैठक में विभाग के निदेशक स. जसवंत सिंह ने बताया कि:
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826 कीटनाशक नमूनों में से 16 गलत ब्रांडिंग वाले निकले।
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737 खाद के सैंपलों में से 11 घटिया पाए गए, जिनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गईं।
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2113 बीज सैंपलों में से 49 गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
ये सभी नमूने 1 अप्रैल 2025 से अब तक लिए गए थे और दोषी डीलरों और कंपनियों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाए गए फ्लाइंग स्क्वाड
कृषि विभाग ने किसानों को बेहतर गुणवत्ता की सामग्री सुनिश्चित कराने के लिए 5 फ्लाइंग स्क्वाड टीमें बनाई हैं। ये टीमें बाज़ारों और डीलरों पर नजर रखेंगी ताकि कोई घटिया उत्पाद किसानों तक न पहुंचे।
कोई कोताही नहीं बर्दाश्त
मंत्री ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कृषि सामग्री की गुणवत्ता में ढिलाई या भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में लापरवाही करता है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सैंपलिंग और निगरानी होगी मजबूत
बैठक में डॉ. बसंत गर्ग ने कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि हर जिले को दिए गए लक्ष्य के अनुसार कीटनाशक, खाद और बीज की सैंपलिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने समय पर कार्रवाई और सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया ताकि गुणवत्ता नियंत्रण के मानकों को मजबूत किया जा सके।
खरीफ फसलों की बुवाई पर भी नजर
मीटिंग में राज्य में खरीफ फसल की बुवाई की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो और उन्हें समय पर सही जानकारी और सहायता मिले।
यह कदम पंजाब सरकार के किसान-केंद्रित सोच और पारदर्शिता भरे प्रशासन का उदाहरण है। अब अधिकारी और कर्मचारी जवाबदेह होंगे और किसानों तक केवल उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री ही पहुंचेगी। इससे न सिर्फ किसानों को फायदा होगा बल्कि नकली और घटिया सामान बेचने वालों पर भी लगाम कसेगी।
