लीड्स टेस्ट में इंग्लैंड से 5 विकेट से मिली करारी हार के बाद अब भारतीय टीम टेस्ट सीरीज़ के दूसरे मुकाबले की तैयारी में जुट गई है। भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट 2 जुलाई से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा। टीम इंडिया वहां पहुंच चुकी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है—क्या जसप्रीत बुमराह इस मुकाबले में खेलेंगे?
बुमराह की उपलब्धता पर फैसला बाकी
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने लीड्स टेस्ट खेला था, जिसमें उन्होंने पहली पारी में शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 5 विकेट चटकाए थे। लेकिन बुमराह का वर्कलोड मैनेजमेंट ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट यह तय करेगा कि वह एजबेस्टन में खेलेंगे या आराम करेंगे।
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर पहले ही कह चुके हैं कि बुमराह को इस सीरीज़ में सिर्फ तीन टेस्ट खेलने हैं। बुमराह एक टेस्ट खेल चुके हैं, मतलब वह आने वाले चार में से केवल दो टेस्ट खेलेंगे।
फैसला कौन लेगा?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बुमराह की उपलब्धता को लेकर फैसला हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और कप्तान शुभमन गिल मिलकर लेंगे। सूत्रों के अनुसार,
“पहले और दूसरे टेस्ट के बीच लगभग एक हफ्ते का अंतर है। इस दौरान बुमराह की रिकवरी को देखा जाएगा और टेस्ट से एक दिन पहले उनका मूल्यांकन कर अंतिम फैसला लिया जाएगा।”
इसका मतलब यह है कि बुमराह का अंतिम निर्णय एक तरह से फिटनेस टेस्ट के आधार पर लिया जाएगा।
क्यों सतर्क है टीम मैनेजमेंट?
जसप्रीत बुमराह की फिटनेस टीम इंडिया के लिए हमेशा से ही अहम रही है। वे हाल ही में पीठ की गंभीर चोट से उबर कर वापसी कर चुके हैं। उन्हें 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिडनी टेस्ट के दौरान बैक इंजरी हो गई थी, जिसके कारण वे करीब 3 महीने तक क्रिकेट से बाहर रहे।
इसलिए कोचिंग स्टाफ और सेलेक्टर्स इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। बुमराह जैसे मैच विनर गेंदबाज को टीम लंबे समय तक फिट देखना चाहती है।
लीड्स में शानदार प्रदर्शन
लीड्स टेस्ट की पहली पारी में बुमराह ने 5 विकेट लिए थे, जो विदेशी सरजमीं पर उनका 12वां पांच विकेट हॉल था। हालांकि दूसरी पारी में उन्हें विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने लंबे और प्रभावशाली स्पेल फेंके, जिससे उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे।
अगर उन्हें अगले टेस्ट में आराम दिया जाता है, तो भारत की तेज गेंदबाज़ी कमजोर हो सकती है, क्योंकि बुमराह की जगह किसी नए गेंदबाज को लाना पड़ेगा।
एजबेस्टन में बुमराह का खेलना क्यों जरूरी?
बर्मिंघम का एजबेस्टन मैदान आमतौर पर तेज़ गेंदबाज़ों के लिए मददगार रहा है। ऐसे में जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज का होना भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन फिटनेस को नजरअंदाज करना भी टीम के लिए भविष्य में नुकसानदायक हो सकता है।
नतीजा?
अब सभी की निगाहें उस दिन पर टिकी हैं जब बुमराह की फिटनेस का फाइनल मूल्यांकन होगा। अगर वो पूरी तरह फिट पाए जाते हैं तो वो एजबेस्टन टेस्ट में उतरेंगे, वरना उन्हें आराम देकर अगले मुकाबलों के लिए तैयार किया जाएगा।
बुमराह का खेलना या न खेलना इस सीरीज़ के लिए काफी अहम साबित हो सकता है। उनके ना होने से भारतीय गेंदबाज़ी में अनुभव की कमी नजर आ सकती है।
