पंजाब पुलिस के डायरेक्टर जनरल गौरव यादव ने राज्य में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज़ करने का ऐलान किया है। अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के मौके पर उन्होंने पंजाब पुलिस के सभी अधिकारियों को एक विशेष संदेश भेजा, जिसमें उन्होंने नशे के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।
नशा तस्करों की कमर तोड़ने का संकल्प
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस का मकसद सिर्फ नशे की तस्करी को रोकना नहीं, बल्कि इसकी पूरी सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अब तक कई बड़े नशा तस्करों को पकड़ा है, ना सिर्फ छोटे मोटे सौदागर बल्कि इस धंधे में शामिल ‘बड़ी मछलियों’ को भी गिरफ्त में लिया गया है।
नशा छुड़ाने के लिए भी चल रहा अभियान
डीजीपी ने यह भी बताया कि पुलिस विभाग सिर्फ तस्करों के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं कर रहा, बल्कि उन नौजवानों की मदद भी कर रहा है जो नशे की लत में फंस चुके हैं। पुलिस का लक्ष्य है कि ऐसे युवाओं को फिर से समाज में सकारात्मक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में बसाया जाए।
इसके लिए पुनर्वास केंद्रों, जागरूकता अभियान और काउंसलिंग जैसी गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
जनता का सहयोग बना ताकत
गौरव यादव ने कहा कि इस पूरे मिशन में जनता का सहयोग सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि पुलिस अकेले कुछ नहीं कर सकती, लेकिन जब आम लोग साथ आते हैं तो बड़ा बदलाव मुमकिन होता है। लोगों के विश्वास और समर्थन से ही पुलिस का मनोबल और भी बढ़ा है।
सीएम के संकल्प को पूरा करने का वादा
डीजीपी ने साफ कहा कि पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें उन्होंने पंजाब को ‘नशा मुक्त राज्य’ बनाने की बात कही है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब पुलिस इस दिशा में बहुत करीब पहुंच चुकी है, और जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
यह स्पष्ट है कि पंजाब सरकार और पुलिस विभाग अब नशा खत्म करने के मिशन को सिर्फ एक वादा नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी मानकर चल रहे हैं। नशे की समस्या से जूझते राज्य में यह अभियान नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। जनता के सहयोग, सख्त कार्रवाई और पुनर्वास की नीति के साथ यह मिशन सफल होने की ओर बढ़ रहा है।
