भारत में कोरोना संक्रमण एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार घबराने जैसी कोई बात नहीं है। 29 जून 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि देश में कोरोना के मामले काबू में हैं और हालात पहले से कहीं बेहतर हैं। आइए जानते हैं कि देश में कोरोना को लेकर क्या कुछ नया है।
देशभर में कितने सक्रिय केस?
29 जून तक भारत में कुल सक्रिय कोरोना मामलों की संख्या लगभग 6,700 से 7,000 के बीच है।
हर दिन औसतन 250 से 400 नए केस सामने आ रहे हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर मामले बिना लक्षण (Asymptomatic) या बहुत हल्के लक्षण वाले हैं।
अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बहुत कम है और मृत्यु दर लगभग शून्य के बराबर है। बीते 24 घंटे में किसी भी राज्य से कोई बड़ी मौत की खबर नहीं आई है।
राज्यवार स्थिति कैसी है?
महाराष्ट्र
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महाराष्ट्र में बीते हफ्ते में कोरोना के मामलों में 50% से ज़्यादा की गिरावट आई है।
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मुंबई और पुणे जैसे शहरों में अब हर दिन 10-15 केस ही मिल रहे हैं।
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20 जून को जहां 340 केस दर्ज हुए थे, वहीं 27 जून को सिर्फ 13 केस सामने आए।
मिजोरम
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मिजोरम के आइज़ोल जिले में केवल 1 सक्रिय मामला बचा है।
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यानी पूरा राज्य लगभग कोरोना मुक्त हो चुका है।
मध्य प्रदेश
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भोपाल स्थित AIIMS ने हाल में कोरोना के XFG वेरिएंट की पहचान की है।
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इस वेरिएंट से संक्रमित मरीजों में कोई गंभीर लक्षण नहीं पाए गए हैं।
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XFG वेरिएंट ओमिक्रॉन से जुड़ा एक हल्का उप-वेरिएंट है, जो ज्यादा खतरनाक नहीं है।
वेरिएंट्स की क्या स्थिति है?
भारत में फिलहाल कोई नया “Variants of Concern” नहीं है।
XFG नाम का वेरिएंट ही प्रमुख रूप से फैल रहा है, जो तेज़ी से फैलता जरूर है, लेकिन लक्षण बहुत हल्के होते हैं।
WHO ने भी इसे कोई गंभीर वेरिएंट नहीं माना है।
सरकार की तैयारी कैसी है?
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट पर रखा है। राज्यों से कहा गया है कि:
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ऑक्सीजन सिलेंडर, ICU बेड और जरूरी दवाइयों का स्टॉक तैयार रखें।
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SARI (गंभीर श्वसन संक्रमण) के मामलों की निगरानी बढ़ाएं।
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जीनोमिक सिक्वेंसिंग की प्रक्रिया को तेज करें।
साथ ही, लोगों को फिर से मास्क पहनने, हाथ धोने और भीड़भाड़ से बचने की सलाह दी गई है।
क्या करें, क्या न करें?
करें:
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हल्के लक्षण दिखें तो टेस्ट करवाएं।
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बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
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कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज़ लेने में देरी न करें।
न करें:
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बगैर मास्क के भीड़ में जाना
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लक्षण होने पर बाहर निकलना
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सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी
कोरोना अब भारत में नियंत्रण में है, लेकिन इसका खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सरकार सतर्क है और हमें भी ज़िम्मेदारी दिखानी होगी। हल्के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरी सावधानियां ज़रूर बरतें। याद रखें – सावधानी ही सुरक्षा है।
अगर आप राज्यवार आंकड़े या कोविड वैक्सीन से जुड़ी जानकारी चाहते हैं, तो मैं उसकी भी जानकारी दे सकता हूँ।
