हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश और बादल फटने की वजह से तबाही का माहौल है। जगह-जगह भूस्खलन, सड़कें टूटना, और लोगों के घरों को नुकसान जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इस बीच, मंडी से सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
जहां एक तरफ विपक्ष उन पर आपदा के समय गायब रहने का आरोप लगा रहा है, वहीं कुछ बीजेपी के नेता भी उनसे नाराज़ नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर कंगना को लेकर बहस छिड़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
मंडी और आसपास के इलाकों में बीते कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है, और लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने में मुश्किल हो रही है।
इस स्थिति में स्थानीय लोगों और विपक्ष का आरोप है कि सांसद कंगना रनौत अब तक प्रभावित इलाकों का दौरा करने नहीं पहुंचीं।
कंगना ने दी सफाई
इन आरोपों के बीच कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर सफाई दी। उन्होंने लिखा:
“हिमाचल में लगभग हर साल बाढ़ से होने वाली तबाही को देखना दिल दहला देने वाला है। मैंने मंडी और सेराज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुझाव दिया कि जब तक रास्ते पूरी तरह साफ नहीं होते और संपर्क बहाल नहीं होता, तब तक इंतजार करें।”
कंगना ने यह भी कहा कि मंडी प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है और वह अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। जैसे ही स्थिति थोड़ी सामान्य होगी, वे प्रभावित लोगों से मिलने जाएंगी।
जयराम ठाकुर का बयान और विवाद
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया, जब पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर का एक वीडियो वायरल हुआ। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा:
“मुझे नहीं पता कि कंगना क्यों नहीं आईं। हम तो यहां हैं, मंडी के लोगों के साथ जीने-मरने के लिए। जिनको इसकी चिंता नहीं है, उनके बारे में मैं टिप्पणी नहीं करूंगा।”
उनके इस बयान को विपक्षी पार्टियों ने तुरंत लपक लिया और कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए निशाना साधा। कांग्रेस ने लिखा:
“मंडी की सांसद कंगना रनौत को अपने क्षेत्र की चिंता नहीं—यह हम नहीं, बीजेपी के नेता जयराम ठाकुर कह रहे हैं।”
2 जुलाई को कंगना का पहला रिएक्शन
कंगना ने 2 जुलाई को भी मंडी की स्थिति पर दुख जताया था। उन्होंने लिखा था:
“मंडी में बादल फटने की हृदयविदारक घटना बेहद पीड़ादायक है। मैं जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले और लापता लोग सुरक्षित मिलें— यही मेरी प्रार्थना है।”
“मैं मुख्यमंत्री से अपील करती हूं कि राहत कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद दी जाए।”
मंडी की इस आपदा ने जहां सरकार और प्रशासन के कामकाज को कटघरे में खड़ा किया है, वहीं सांसद कंगना रनौत की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि सिर्फ सोशल मीडिया पर संवेदना जताने से काम नहीं चलेगा, उन्हें मौके पर जाकर लोगों का संवेदनात्मक और वास्तविक साथ देना चाहिए।
अब देखना होगा कि कंगना कब तक प्रभावित इलाकों का दौरा करती हैं और वहां जाकर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करती हैं या नहीं। जनता को इस मुश्किल घड़ी में अपने प्रतिनिधियों की मौजूदगी और सहयोग की उम्मीद है।
