पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैस ने हाल ही में एक खास कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड अब आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों की ओर कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड जल्द ही अपना यूट्यूब चैनल शुरू करेगा, जिससे छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से भी पढ़ाई और जरूरी जानकारी मिल सकेगी।
यह जानकारी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पंजाबी भाषा ओलंपियाड 2024 के विजेताओं को सम्मानित करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दी। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा विभाग पंजाब के वैश्विक शैक्षणिक दर्जे को मज़बूत करने के लिए विदेशी दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थाओं से संपर्क करेगा।
विज्ञान ओलंपियाड की भी घोषणा
मंत्री बैस ने बताया कि जल्द ही विज्ञान ओलंपियाड भी शुरू किया जाएगा, जिससे छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने के लिए यह भी बताया कि 450 प्रिंसिपलों को जल्द ही पदोन्नति दी जाएगी, ताकि स्कूलों में खाली पड़ी प्रिंसिपल की सीटें भरी जा सकें। वहीं, शिक्षकों की नियुक्तियां पहले से ही ठोस प्रक्रिया के तहत की जा रही हैं।
ओलंपियाड विजेताओं को मिला नकद इनाम
अंतरराष्ट्रीय पंजाबी भाषा ओलंपियाड 2024 में शानदार प्रदर्शन करने वाले 33 प्रतिभागियों को नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया। पहले स्थान पर आने वाले को 5100 रुपये, दूसरे स्थान के लिए 3100 रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले को 2100 रुपये का इनाम दिया गया।
सिर्फ विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि इस ओलंपियाड में अहम भूमिका निभाने वाले विषय विशेषज्ञों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
बोर्ड चेयरमैन का संकल्प
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने शिक्षा मंत्री का धन्यवाद करते हुए वादा किया कि पंजाबी भाषा ओलंपियाड को आगे भी जारी रखा जाएगा और विज्ञान ओलंपियाड को भी जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बोर्ड की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प भी दोहराया।
इस कार्यक्रम में कई खास मेहमान भी मौजूद रहे जिनमें पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल, भाषा विभाग के डायरेक्टर जसवंत सिंह जफर और पीएयू के स्टूडेंट वेलफेयर डायरेक्टर निर्मल सिंह जौड़ा शामिल थे।
यह कदम शिक्षा को और अधिक समृद्ध और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
