पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान ने अपने 125वें दिन पर एक और बड़ी सफलता हासिल की। इस दिन पंजाब पुलिस ने 101 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से बड़ी मात्रा में नशे की सामग्री जब्त की गई।
विशेष जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 2.3 किलो हेरोइन, 520 ग्राम अफीम, और 8270 रुपये की ड्रग्स मनी बरामद की। इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है।
125 दिनों में 20,410 तस्कर गिरफ्तार
इस अभियान की शुरुआत से अब तक 20,410 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये आंकड़ा दर्शाता है कि पंजाब पुलिस नशा तस्करी पर किस तरह शिकंजा कस रही है।
पूरे राज्य में एक साथ बड़ी कार्रवाई
विशेष डीजीपी (कानून व्यवस्था) अरपित शुक्ला ने जानकारी दी कि इस विशेष ऑपरेशन में 79 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में 1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 180 से अधिक पुलिस टीमें शामिल थीं। इन टीमों ने पंजाब भर के 392 स्थानों पर छापेमारी की।
इस दौरान पुलिस ने 79 एफआईआर दर्ज कीं और 417 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। इनमें से कई लोगों की जांच की जा रही है कि वे नशे की तस्करी या सेवन से संबंधित हैं या नहीं।
49 लोगों को नशा छोड़ने के लिए किया राज़ी
इस ऑपरेशन का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि पुलिस ने 49 व्यक्तियों को नशा छोड़ने और पुनर्वास केंद्रों में इलाज करवाने के लिए राज़ी किया। यह दिखाता है कि पुलिस केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी काम कर रही है।
‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ न केवल एक सख्त कानूनी कार्रवाई है, बल्कि यह एक सामाजिक सुधार अभियान भी बन चुका है। लगातार हो रही गिरफ्तारी और जब्त की जा रही नशीली सामग्री इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब सरकार और पुलिस इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
आशा है कि आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे और पंजाब को नशा मुक्त बनाने का सपना जल्द पूरा होगा।
