अगर आप सोने के गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह एक अच्छी खबर है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 7 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। घरेलू बाजार MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोना करीब 0.61% गिरकर ₹96,395 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट आई है, जो अभी भी ₹1 लाख प्रति किलोग्राम से ऊपर है, लेकिन आज करीब 0.91% लुढ़ककर ₹1,07,446 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट
सिर्फ भारत में ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX (Commodity Exchange) पर भी सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। यहां सोना 0.84% गिरकर $3314.40 प्रति आउंस पर पहुंच गया है। यह गिरावट वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और अमेरिकी नीतियों से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण देखी जा रही है।
सोना हो सकता है महंगा – जानिए क्यों
हालांकि फिलहाल कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हफ्ते के अंत तक सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है। इसकी वजह है अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह फैसला, जिसमें उन्होंने अप्रैल में कुछ वस्तुओं पर 10% बेस टैरिफ और कुछ मामलों में 50% तक अतिरिक्त टैक्स लगाने की बात कही थी। हालांकि, इन टैरिफ्स को 90 दिनों के लिए टाल दिया गया था ताकि बातचीत के लिए समय मिल सके।
अब यह 90 दिन की मियाद 9 जुलाई को खत्म हो रही है। अगर ट्रंप तय तिथि पर दोबारा टैरिफ लागू करने पर अड़े रहते हैं, तो इससे अमेरिकी डॉलर कमजोर हो सकता है और इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। क्योंकि जब डॉलर कमजोर होता है, तब निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी मांग और दाम दोनों बढ़ते हैं।
इस समय खरीदारी हो सकती है फायदेमंद
फिलहाल सोने और चांदी की कीमतें थोड़ी नीचे आई हैं, जो ग्राहकों के लिए खरीदारी का एक अच्छा मौका हो सकता है। त्योहारों और शादी के सीजन से पहले अगर आप अभी सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं, तो यह आपको भविष्य में महंगा पड़ने से बचा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तनाव बना रहा और टैरिफ की नीतियां सख्त होती हैं, तो सोने की कीमत ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के पार भी जा सकती है।
निवेशकों के लिए भी खास समय
जिन लोगों ने पहले से सोने में निवेश किया है, उनके लिए यह गिरावट अस्थायी मानी जा रही है। बाजार विश्लेषक एडवर्ड मायेर के अनुसार, सोने में दीर्घकालिक निवेश अब भी फायदेमंद बना रहेगा। यदि कीमतें और नीचे जाती हैं, तो यह लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ‘बाय ऑन डिप’ यानी सस्ते में खरीदने का अच्छा मौका साबित हो सकता है।
सोने-चांदी की कीमतों में मौजूदा गिरावट एक सीमित समय का मौका हो सकता है। चाहे आप गहने खरीदने की सोच रहे हों या निवेश करना चाहते हों, यह समय समझदारी से काम लेने का है। आगे चलकर टैरिफ नीतियों में बदलाव और डॉलर की स्थिति के अनुसार सोने की कीमतों में तेजी आ सकती है।
