पंजाब के मोगा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पंजाब पुलिस ने एक सुनियोजित हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया है। यह कार्रवाई मोगा पुलिस ने एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और काउंटर इंटेलिजेंस के साथ मिलकर की। इस ऑपरेशन में पुलिस ने कनाडा आधारित कुख्यात गैंगस्टर लखवीर सिंह उर्फ लांडा हरिके द्वारा रची गई साजिश को विफल करते हुए तीन अहम शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है।
किसकी हत्या की थी योजना?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पकड़े गए तीनों आरोपी, लखवीर सिंह उर्फ लांडा हरिके के निर्देशों पर डॉक्टर अनिलजीत कम्बोज की हत्या की साजिश को अंजाम देने वाले थे। पुलिस को समय रहते खुफिया जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को धर दबोचा।
मुठभेड़ में गोलियां चलीं, आरोपियों को लगी चोटें
ऑपरेशन के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ भी हुई। इस दौरान तीनों आरोपियों को पैरों में गोली लगी है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सौभाग्य से पुलिस की ओर से कोई हताहत नहीं हुआ।
क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और एक कार भी बरामद की है। बरामद सामान में शामिल हैं:
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दो पिस्टल (.30 बोर) जिनके साथ 10 जिंदा कारतूस
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एक पिस्टल (.32 बोर) जिसके साथ 3 जिंदा कारतूस
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एक कार जिसका इस्तेमाल साजिश में होना था
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
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गुरलाल सिंह उर्फ गोला – निवासी गार्डन कॉलोनी, पट्टी, जिला तरनतारन
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खुशप्रीत सिंह उर्फ खुश – निवासी गार्डन कॉलोनी, पट्टी, जिला तरनतारन
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गुरमंदीप सिंह उर्फ फौजी – निवासी तलवंडी सोबा सिंह, जिला तरनतारन
FIR दर्ज, आगे की जांच जारी
इस पूरे मामले में फतेहगढ़ पंजतोड़ थाना में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आगे की जांच में जुटी है ताकि इस गिरोह के आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाया जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपी और लोगों को निशाना बनाने की योजना तो नहीं बना रहे थे।
पंजाब पुलिस का सख्त संदेश
पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि गैंगस्टरों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए खुफिया जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर ऐसे ऑपरेशनों को और तेज किया जाएगा।
इस सफल ऑपरेशन से एक बड़ी साजिश टल गई है और एक निर्दोष व्यक्ति की जान बच गई है। पंजाब पुलिस की तत्परता और खुफिया तंत्र की सक्रियता से यह मुमकिन हो पाया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पंजाब पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद है।
