पटना, 9 जुलाई 2025 – बिहार की राजनीति में इन दिनों मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर हलचल मची हुई है। इस मुद्दे पर महागठबंधन ने आज बुधवार को बिहार बंद का आह्वान किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह प्रक्रिया गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है।
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई राजद नेता तेजस्वी यादव कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में महागठबंधन के नेता आयकर गोलंबर से लेकर निर्वाचन आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च कर रहे हैं। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे, जो पटना में विपक्ष के साथ एकजुटता दिखाएंगे।
वोटर लिस्ट पुनरीक्षण पर क्यों हो रहा है विरोध?
राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इसमें जिन 11 दस्तावेजों की मांग की जा रही है, वो गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों के पास नहीं हैं। इससे लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं।
विपक्षी दलों की मांग है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए और इसे विधानसभा चुनाव के बाद कराया जाए ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो।
राजनीतिक विरोध और जनता से समर्थन की अपील
बिहार बंद को सफल बनाने के लिए मंगलवार शाम जहानाबाद में महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की और जनता से अपील की कि वे बुधवार को बंद में पूरा सहयोग दें। पटना समेत कई जिलों में बंद का असर देखा जा रहा है।
निजी स्कूल भी रहे बंद
बंद को देखते हुए बिहार के सभी निजी स्कूल आज बंद रखे गए हैं। बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. डीके सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे शिक्षा व्यवस्था एक दिन के लिए प्रभावित हो सकती है।
कैसी चल रही है पुनरीक्षण प्रक्रिया?
दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। आयोग के अनुसार 24 जून से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के पहले 14 दिनों में 3.70 करोड़ फॉर्म एकत्र किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 47% है।
बिहार में कुल 7.90 करोड़ मतदाता हैं। आयोग का अनुमान है कि यह काम 25 जुलाई की तय तारीख से पहले ही पूरा हो जाएगा।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि अभियान की प्रगति अच्छी है और लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। हालांकि, विपक्ष इससे सहमत नहीं है और इसे गरीबों के साथ अन्याय मान रहा है।
बिहार में मतदाता सूची को लेकर छिड़ी जंग अब सड़कों तक पहुंच चुकी है। एक ओर जहां आयोग का दावा है कि प्रक्रिया पारदर्शी और असरदार है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे जनता के अधिकारों का हनन बता रहा है। आज का दिन राज्य की राजनीति के लिए अहम साबित हो सकता है, खासकर तब जब राहुल गांधी खुद सड़कों पर उतरकर समर्थन कर रहे हैं।
