पंजाब सरकार ने राज्य में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा ने जानकारी दी है कि मार्च 2026 तक प्रदेश की 390 सरकारी इमारतों की छतों पर 30 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाले सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है प्राकृतिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना, जिससे न सिर्फ बिजली की बचत होगी बल्कि पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।
अमन अरोड़ा इस संबंध में पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (पेडा) द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर उनके साथ पेडा के चेयरपर्सन डॉ. सुखचैन गोगी, और प्रमुख सचिव अजोय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे।
क्या है इस परियोजना की खास बात?
यह सोलर प्रोजेक्ट लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। मंत्री अरोड़ा ने बताया कि इस योजना से हर साल 15 करोड़ रुपये की बिजली की बचत होने की उम्मीद है, जो कि सरकारी विभागों के खर्च को काफी हद तक कम करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और अब इसके कार्यान्वयन का रास्ता साफ हो गया है।
किन विभागों में लगेंगे सोलर प्लांट?
यह परियोजना 25 प्रमुख विभागों की इमारतों पर लागू की जाएगी, जिनमें शामिल हैं:
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
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तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग
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परिवहन विभाग
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कृषि और किसान कल्याण विभाग
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पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग
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गृह और न्याय विभाग
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चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग
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स्थानीय निकाय विभाग
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जल संसाधन विभाग आदि।
इन सभी विभागों की इमारतों पर छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे उन्हें अपनी जरूरत की बिजली सौर ऊर्जा से मिल सकेगी।
पहले से चल रही योजनाएं
अमन अरोड़ा ने बताया कि बीते तीन वर्षों में पंजाब ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सराहनीय प्रगति की है। अब तक 1098 सरकारी इमारतों की छतों पर 7.7 मेगावाट की सौर क्षमता वाले प्लांट लगाए जा चुके हैं। यह राज्य सरकार की स्थायी ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पर्यावरण के प्रति संकल्प
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य है कि कार्बन उत्सर्जन को कम किया जाए, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को घटाया जाए और राज्य के नागरिकों को एक बेहतर और स्वच्छ भविष्य दिया जाए। उन्होंने कहा कि सोलर प्रोजेक्ट जैसी पहलें पंजाब को ऊर्जा-सक्षम और पर्यावरण के अनुकूल राज्य बनाने में मदद करेंगी।
अधिकारियों को निर्देश
मीटिंग के दौरान मंत्री अमन अरोड़ा ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राकृतिक ऊर्जा उत्पादन के अन्य नए विकल्पों की भी खोज करें, ताकि पंजाब भविष्य में भी ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
इस बैठक में पेडा की सीईओ नीलिमा, निदेशक एम.पी. सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। सरकार की यह पहल राज्य को हरित ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक उदाहरण बना रही है।
यह कदम न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि आर्थिक रूप से भी राज्य के लिए फायदेमंद साबित होगा।
