कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ गुरुग्राम की चर्चित लैंड डील मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है। इस पर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुलकर मोदी सरकार पर हमला बोला है।
राहुल गांधी का तीखा प्रहार
राहुल गांधी ने शुक्रवार, 18 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“मेरे जीजाजी को पिछले दस सालों से यह सरकार परेशान कर रही है। यह ताज़ा आरोपपत्र उसी षड्यंत्र का एक और हिस्सा है। मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ हूं, क्योंकि उन्हें दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक रूप से प्रेरित बदनामी और उत्पीड़न का एक और हमला झेलना पड़ रहा है।”
राहुल गांधी ने आगे कहा कि उन्हें यकीन है कि वाड्रा परिवार पूरी गरिमा के साथ इस उत्पीड़न का सामना करेगा और अंत में सच्चाई की जीत होगी।
क्या है लैंड डील का पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव, सेक्टर-83 में जमीन की एक डील से जुड़ा है। आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी Skylight Hospitality ने 3.53 एकड़ जमीन महज 7.5 करोड़ रुपये में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से खरीदी। बाद में यही जमीन 2012 में करीब 58 करोड़ रुपये में DLF को बेच दी गई।
ईडी का आरोप है कि इस डील में जानबूझकर गलत जानकारियां दी गईं, जमीन को सस्ते में खरीदा गया और बाद में मुनाफे के लिए बेचकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। एजेंसी ने चार्जशीट में वाड्रा समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया है और उनकी 43 संपत्तियों को अटैच भी किया गया है।
24 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
इस मामले में अगली सुनवाई 24 जुलाई, 2025 को होगी। माना जा रहा है कि यह केस आगामी समय में राजनीतिक रूप से और गरमाने वाला है, क्योंकि विपक्ष इसे “सरकारी बदले की राजनीति” बता रहा है, वहीं सरकार कानून के दायरे में कार्रवाई की बात कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर देशभर की निगाहें टिकी हैं क्योंकि यह मामला सिर्फ एक कारोबारी डील से नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और परिवार की साख से भी जुड़ा हुआ है।
