अमृतसर: पंजाब सरकार की ओर से धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को रोकने के लिए सख्त कानून लाने की प्रक्रिया जारी है। इसी कड़ी में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने शुक्रवार को श्री दरबार साहिब में मत्था टेक कर अपनी श्रद्धा प्रकट की। उन्होंने कुछ समय तक गुरबाणी कीर्तन भी सुना और फिर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार की मंशा स्पष्ट की।
बुद्धिजीवियों से सलाह, विधेयक की तैयारी ज़ोरों पर
संधवां ने बताया कि इस प्रस्तावित कानून को तैयार करने के लिए वकीलों, कानून विशेषज्ञों, प्रोफेसरों और बुद्धिजीवियों से राय ली जा रही है। इस कार्य के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसके प्रमुख डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को नियुक्त किया गया है, जो वर्तमान में चीफ खालसा दीवान के प्रधान और विधायक भी हैं। उन्होंने सभी समाजिक व धार्मिक समुदायों से सहयोग और सुझाव देने की अपील की।
धमकी पर स्पष्ट संदेश: “डरने की ज़रूरत नहीं”
श्री दरबार साहिब को नुकसान पहुंचाने संबंधी ईमेल धमकी को लेकर स्पीकर संधवां ने सख्त लहजे में कहा कि यह स्थान सिर्फ सिखों का नहीं, बल्कि समूची मानवता की रूहानियत का केंद्र है। यहां हर धर्म का व्यक्ति आकर शांति और राहत की दुआ करता है। उन्होंने कहा कि जो भी शरारती तत्व हैं, उनके खिलाफ पुलिस और प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्रवाई कर रहे हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है और दूसरे को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री खुद निगरानी में, सुरक्षा चाक-चौबंद
संधवां ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन से संपर्क में हैं। पंजाब पुलिस श्री दरबार साहिब परिसर के बाहर मर्यादा के अनुसार 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह भरोसा दिलाती है कि श्री दरबार साहिब की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होने दी जाएगी और दोषी कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएंगे।
सरकार का भरोसा: “श्रद्धालुओं को घबराने की कोई ज़रूरत नहीं”
अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अफवाह या उत्तेजना में न आएं। गुरुघर पर विश्वास रखें, हमारी एजेंसियां सतर्क हैं और दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, विधायक जसबीर सिंह संधू, मेयर जतीन्दर सिंह मोती भाटिया और अन्य नेता भी मौजूद थे।
