भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की जानकारी मंगलवार, 22 जुलाई 2025 को राज्यसभा में दी गई, जब मानसून सत्र की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई।
धनखड़ ने अपना इस्तीफा सोमवार रात को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा था। इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह अपनी सेहत का ध्यान रखने और डॉक्टरों की सलाह मानने के लिए यह फैसला ले रहे हैं। उन्होंने भारतीय संविधान की धारा 67(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की घोषणा की।
राज्यसभा की बैठक में जैसे ही कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, चेयरमैन घनश्याम तिवाड़ी ने सदन को जानकारी दी कि गृह मंत्रालय ने उप राष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि उप राष्ट्रपति, राज्यसभा के पदेन सभापति (Chairman) होते हैं। आम तौर पर जगदीप धनखड़ ही सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करते थे। लेकिन इस्तीफे के बाद मंगलवार को राज्यसभा की सुबह की कार्यवाही उपसभापति हरीवंश ने संचालित की।
74 वर्षीय जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में उप राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और उनका कार्यकाल 2027 तक चलना था। लेकिन स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने पद छोड़ दिया। हाल ही में उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में एंजियोप्लास्टी करवाई थी और मार्च में कुछ दिन अस्पताल में भर्ती भी रहे थे।
उनके अचानक इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि वह सदन में काफी सक्रिय और मुखर नेता माने जाते थे। उन्होंने सदन की कार्यवाही में अनुशासन बनाए रखने और विभिन्न विषयों पर संतुलित दृष्टिकोण रखने के लिए सराहना पाई थी।
उनके इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि अगला उप राष्ट्रपति कौन होगा और नए चेयरमैन के रूप में कौन राज्यसभा का नेतृत्व करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए उनकी सेवा की सराहना करते हुए उनके स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने लिखा,
“जगदीप धनखड़ जी ने उप राष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा की है। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।”
धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है। ऐसे में संसद की कार्यवाही पर इसका असर पड़ सकता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह कठिन फैसला लिया, जो उनकी ईमानदारी और व्यावहारिक सोच को दर्शाता है।
अब देश को एक नए उप राष्ट्रपति की तलाश है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि किसे यह अहम जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
