मंगलवार को संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा और अंत में पूरे दिन के लिए रोक दिया गया। अब संसद की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित कर दी गई है।
राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, जहां डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने जरूरी दस्तावेज सदन में रखे। इसके बाद उन्होंने बताया कि 12 स्थगन नोटिस मिले हैं, जिनमें SIR (विशेष त्वरित पुनरीक्षण) प्रक्रिया, पहलेगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई थी। लेकिन इन सभी नोटिसों को खारिज कर दिया गया। जैसे ही उन्होंने शून्यकाल शुरू करने की बात कही, विपक्षी सदस्य हंगामा करते हुए अपनी सीटों से उठकर चेयर के पास पहुंच गए।
डिप्टी चेयरमैन ने सदस्यों से शांति बनाए रखने और अपनी सीटों पर बैठने की अपील की, लेकिन शोरगुल जारी रहा। इसके चलते कार्यवाही पहले सुबह करीब 11:05 बजे तक, फिर दोपहर 12 बजे तक और अंत में दोपहर 2 बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष का सबसे बड़ा मुद्दा बिहार में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही वोटर लिस्ट की विशेष त्वरित समीक्षा (SIR) थी। कांग्रेस सहित कई दलों ने इस पर सवाल उठाए और सदन में इस पर तत्काल चर्चा की मांग की। वहीं, CPI सांसद पी. संतोश कुमार ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर चर्चा की मांग करते हुए नोटिस दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया।
दोपहर में जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तब अध्यक्षता कर रहे चेयरमैन घनश्याम तिवाड़ी ने जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 जुलाई, 2025 को संविधान की धारा 67(ए) के तहत जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। वे प्रश्नकाल शुरू करना चाहते थे, लेकिन लगातार हंगामे के कारण केवल दो मिनट में ही कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
उधर, लोकसभा में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे। विपक्षी सांसदों ने शोरगुल करते हुए वोटर लिस्ट समीक्षा, पहलेगाम हमला और अन्य मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। सरकार की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन हंगामा नहीं रुका।
ध्यान देने वाली बात यह है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक दिन पहले स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। चूंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, इसलिए उनका इस्तीफा सदन के संचालन से जुड़ी बड़ी खबर बनी हुई है।
फिलहाल संसद का मानसून सत्र हंगामेदार बना हुआ है और सरकार तथा विपक्ष के बीच टकराव के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है। अब यह देखना होगा कि बुधवार को संसद में क्या माहौल बनता है और क्या कोई हल निकलता है।
