पंजाब सरकार की ओर से नगर निगम कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने के लिए बनाई गई कैबिनेट सब-कमेटी ने हाल ही में सफाई कर्मचारी यूनियनों और म्यूनिसिपल कर्मचारी संगठनों के साथ अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में कर्मचारियों की मांगों और मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान कैबिनेट सब-कमेटी ने स्थानीय सरकार विभाग को निर्देश दिए कि वे कर्मचारियों की जायज़ मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल करें और समाधान की प्रक्रिया को तेज़ करें ताकि कर्मचारियों को जल्द राहत मिल सके।
बैठक में पंजाब सफाई मज़दूर फेडरेशन और म्यूनिसिपल एम्प्लॉइज़ एक्शन कमेटी पंजाब के प्रतिनिधियों ने अपने मुद्दे सामने रखे। सब-कमेटी ने स्थानीय सरकार विभाग से यह भी जानकारी मांगी कि पिछली बैठक के बाद किन-किन मांगों पर काम हुआ है और अब तक क्या प्रगति हुई है।
सरकार की ओर से यूनियन नेताओं को भरोसा दिलाया गया कि उनकी सभी मांगों पर पूरी संवेदनशीलता से विचार किया जा रहा है और जो भी मांगें वाजिब हैं, उन्हें जल्द से जल्द हल किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पंजाब सरकार अपने नगर निगम कर्मचारियों की भलाई के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
मीटिंग में मौजूद प्रतिनिधि:
- म्यूनिसिपल एम्प्लॉइज़ एक्शन कमेटी पंजाब की ओर से
- रमेश कुमार (कन्वीनर)
- कुलवंत सिंह सैनी (सरपरस्त)
- गोपाल थापर (सह-कन्वीनर)
- अशोक तरवाण (सह-कन्वीनर)
- पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन की ओर से
- नरेश कुमार (प्रधान)
- जुगिंदरपाल (उप-प्रधान)
- गोपाल कृष्ण (चेयरमैन)
- राकेश और राज हंस (सदस्य)
इन बैठकों से यह साफ हो गया है कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच संवाद की प्रक्रिया सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्द ही कई लंबित मांगों पर निर्णय होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य है कि निगम कर्मचारियों को सम्मानजनक कार्य वातावरण और अधिकार दिलवाए जाएं।
