पंजाब सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में कार्यरत इंटर्न्स, जूनियर रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इंटर्न्स को अब ₹22,000 महीना स्टाइपेंड
फिलहाल पंजाब के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में कुल 907 इंटर्न्स कार्यरत हैं। अब तक उन्हें ₹15,000 प्रति माह स्टाइपेंड मिलता था, जिसे बढ़ाकर ₹22,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बदलाव इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
जूनियर रेजिडेंट्स को अब ₹76,000 से ₹78,000 तक स्टाइपेंड
राज्य भर में 1,408 जूनियर रेजिडेंट्स के लिए भी खुशखबरी है। उनका स्टाइपेंड पहले ₹67,968 प्रति माह था, जिसे अब वर्षानुसार इस तरह संशोधित किया गया है:
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पहला साल: ₹76,000
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दूसरा साल: ₹77,000
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तीसरा साल: ₹78,000
सीनियर रेजिडेंट्स को ₹94,000 तक मिलेगा स्टाइपेंड
754 सीनियर रेजिडेंट्स के लिए भी स्टाइपेंड में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है:
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पहले: ₹81,562 प्रति माह
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अब:
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पहला साल: ₹92,000
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दूसरा साल: ₹93,000
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तीसरा साल: ₹94,000
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सालाना खर्च में ₹33.22 करोड़ की वृद्धि
वित्त मंत्री ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ोतरी से सरकार का कुल वार्षिक खर्च ₹204.96 करोड़ से बढ़कर ₹238.18 करोड़ हो जाएगा। यानी सरकार पर सालाना ₹33.22 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा और भी बल
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह निर्णय सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य में प्रत्येक नागरिक को ₹10 लाख का हेल्थ बीमा कवर देने की पहल जन कल्याण के प्रति सरकार की गंभीरता को दिखाता है।
इस स्टाइपेंड वृद्धि से न केवल मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मानव संसाधन में भी इजाफा होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
