शनिवार को दक्षिणी कश्मीर हिमालय की 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 2,300 से अधिक श्रद्धालुओं का नया जत्था बेस कैंप से रवाना हुआ। यह जत्था सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी में बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से यात्रा पर निकला।
अब तक 3.60 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
अधिकारियों ने बताया कि 3 जुलाई से शुरू हुई 38 दिवसीय अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 3.60 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। हर साल लाखों श्रद्धालु हिमलिंग के दर्शन के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं।
बर्फ के शिवलिंग के पिघलने से घट रही संख्या
प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिमलिंग (बर्फ का शिवलिंग) के धीरे-धीरे पिघलने के कारण बीते कुछ दिनों में गुफा मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। फिर भी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और लगातार लोग यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं।
बालटाल और पहलगाम मार्गों से निकले जत्थे
अधिकारियों के अनुसार, पहला जत्था 741 श्रद्धालुओं के साथ 34 वाहनों में गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग (14 किलोमीटर लंबा) के लिए रवाना हुआ, जबकि दूसरा जत्था 1,583 श्रद्धालुओं के साथ 58 वाहनों में अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से रवाना हुआ। दोनों मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा और सुविधा के विशेष प्रबंध
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा यात्रा मार्गों पर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए हेल्थ कैंप, लंगर, ट्रैफिक कंट्रोल और ITBP, CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान तैनात हैं।अमरनाथ यात्रा भक्ति, साहस और अनुशासन का प्रतीक है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं।
