पंजाब सरकार ने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत को समर्पित धार्मिक आयोजनों के लिए खास तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्यभर में चार बड़ी धार्मिक यात्राएं और कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन तैयारियों को लेकर विरासत-ए-खालसा में एक अहम बैठक हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., तरुणप्रीत सिंह सौंद और पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने हिस्सा लिया।
चार खास यात्राएं होंगी रवाना:
हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि 19 नवंबर को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में श्रीनगर से श्री आनंदपुर साहिब तक चार दिवसीय धार्मिक यात्रा शुरू होगी। इसके अलावा गुरदासपुर से माझा-दोआबा यात्रा और मालवा क्षेत्र से दो यात्राएं बठिंडा और फरीदकोट से रवाना होंगी। ये सभी यात्राएं विभिन्न जिलों से होकर श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगी। यात्राओं में मशाल-ए-शहादत, पंज प्यारे, कीर्तन जत्थे, कश्मीरी पंडित और श्रद्धालु शामिल होंगे।
विरासत-ए-खालसा में कार्यक्रमों की झलक:
23 नवंबर को विरासत-ए-खालसा में श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री समेत देश-विदेश की प्रमुख हस्तियाँ शामिल होंगी। इसी दिन डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा, जो गुरु तेग बहादुर जी की बलिदान गाथा को दर्शाएगी। इसके बाद गाइड टूर, भाई जैता मेमोरियल और पंज प्यारा पार्क में कथा-कीर्तन के कार्यक्रम होंगे।
24 नवंबर: विधानसभा सत्र और हेरिटेज वॉक
पंजाब सरकार इस दिन श्री आनंदपुर साहिब में विशेष विधानसभा सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। साथ ही, “हेरिटेज वॉक” आयोजित की जाएगी जिसमें संगत को धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। निहंग सिंह “मोहल्ला खालसा” प्रदर्शनी लगाएंगे। इसी दिन पंज प्यारा पार्क में लाइट एंड साउंड शो और ड्रोन शो आयोजित होगा।
25 नवंबर: भोग, पौधारोपण और एकजुटता समारोह
25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इस मौके पर मौजूद रहेंगे और राज्य स्तरीय पौधारोपण अभियान की शुरुआत करेंगे, जिसमें 3.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रक्तदान शिविर और अंगदान शपथ कार्यक्रम भी होंगे।
मुख्यमंत्री द्वारा “सरबत दा भला” समारोह की अगुवाई की जाएगी, जिसमें देश-विदेश की प्रमुख हस्तियाँ शामिल होंगी। शाम को प्रदेश की सभी सरकारी इमारतें मशाल-ए-शहादत की रोशनी में रोशन की जाएंगी।
संगत के लिए विशेष प्रबंध:
संगत की सुविधा के लिए टेंट सिटी बनाई जाएगी, ई-रिक्शा सेवा होगी और श्री आनंदपुर साहिब की सड़कों की मरम्मत कर शहर को व्हाइट सिटी में बदला जाएगा। सफाई मुहिम पहले ही शुरू की जा चुकी है। इन सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी लगातार तैयारियों में जुटे हैं।
यह आयोजन ना सिर्फ धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक होगा, बल्कि पंजाब की संस्कृति और गुरु परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक ऐतिहासिक प्रयास भी साबित होगा।
