अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध फार्मा ओपिओइड सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रामाडोल की एक अवैध आपूर्ति श्रृंखला का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई महज 35 टैबलेट्स की एक मामूली बरामदगी से शुरू हुई थी, जो आगे चलकर उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित एक निर्माण इकाई तक जा पहुंची।
छह गिरफ्तार, फैक्ट्री प्रमुख भी सलाखों के पीछे
पुलिस ने लगातार छापेमारी और खुलासों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दवा दुकानदार, वितरक और ‘लूसेंट बायोटेक लिमिटेड’ नामक कंपनी का संयंत्र प्रमुख भी शामिल है। ये सभी अवैध रूप से ट्रामाडोल टैबलेट्स का उत्पादन और वितरण कर रहे थे।
बड़ी बरामदगी: लाखों की ड्रग्स और कच्चा माल जब्त
पुलिस ने अब तक की कार्रवाई में 70,000 से अधिक ट्रामाडोल टैबलेट्स, ₹7.65 लाख की नशीली दवाओं से संबंधित नकदी और करीब 325 किलोग्राम कच्चा माल बरामद किया है। यह पूरी कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर करारा प्रहार मानी जा रही है।
“सरकारी आपूर्ति – बिक्री हेतु नहीं” लिखी थीं टैबलेट्स पर
बरामद की गई दवाओं की स्ट्रिप्स पर “Government Supply Only – Not for Sale” लिखा हुआ पाया गया, जो इस ओर इशारा करता है कि ये दवाएं सरकारी स्टॉक से अवैध रूप से निकाली गई थीं। इससे न केवल मेडिकल स्टॉक की अवैध निकासी का शक गहराया है, बल्कि सरकारी प्रणाली की खामियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
फार्मा यूनिट्स सील, रिकॉर्ड खंगाले गए
कार्रवाई के दौरान जिन फार्मा इकाइयों में नियमों की अवहेलना पाई गई, उन्हें तत्काल सील कर दिया गया है। उनके दस्तावेज और रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य हिस्सों का भी पर्दाफाश किया जा सके।
पंजाब पुलिस का संगठित अपराध के खिलाफ मजबूत रुख
Punjab Police ने एक बार फिर साबित किया है कि वह संगठित अपराध और नशे के कारोबार के खिलाफ पूरी सख्ती से काम कर रही है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तस्करों के लिए चेतावनी है, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता का भी प्रतीक है।
जांच अभी जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच अब भी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है। इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
