यूरोपीय यूनियन (EU) ने शेंगेन वीज़ा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए इसकी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने का निर्णय लिया है। पारंपरिक तौर पर पासपोर्ट में लगाए जाने वाले स्टिकर वीज़ा को अब अलविदा कहा जाएगा। इसकी जगह एक सुरक्षित डिजिटल 2D बारकोड वीज़ा सिस्टम लागू किया जाएगा, जो सीधे EU की केंद्रीकृत वीज़ा प्रणाली से जुड़ा होगा।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से होगी आवेदन प्रक्रिया
नए बदलावों के तहत, शेंगेन वीज़ा के लिए आवेदन अब एक केंद्रीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए किया जाएगा। यह पहल 2024 में EU के विदेश मंत्रियों द्वारा पारित निर्णय के तहत लाई गई है। इस बदलाव का उद्देश्य प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और अधिक सुरक्षित बनाना है।
बारकोड से होगी पहचान, तेज़ होगा इमिग्रेशन
नई प्रणाली में वीज़ा धारक को अपने वीज़ा की पुष्टि बारकोड के ज़रिए करनी होगी। जब यात्री यूरोप की सीमा पर पहुंचेगा, तो इमिग्रेशन अधिकारी बारकोड को स्कैन कर उसकी वैधता, बायोमेट्रिक जानकारी और अन्य ज़रूरी डेटा की पुष्टि कर सकेंगे। यह प्रक्रिया इमिग्रेशन समय को कम करने में मदद करेगी।
2028 तक लागू होंगे बदलाव
हालांकि यह डिजिटल वीज़ा प्रणाली फिलहाल पूरी तरह से लागू नहीं हुई है, लेकिन इसकी शुरुआत 2028 तक सभी सदस्य देशों में की जाने की योजना है। इसकी टेस्टिंग 2024 पेरिस ओलंपिक के दौरान की गई थी, जहां करीब 70,000 खिलाड़ियों और स्टाफ को डिजिटल शेंगेन वीज़ा जारी किए गए थे।
भारतीय यात्रियों को होगा सीधा लाभ
यूरोप यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए यह बदलाव कई फायदे लेकर आएगा। डिजिटल वीज़ा के माध्यम से यात्रियों को बायोमेट्रिक ई-गेट्स से सीधे प्रवेश मिलेगा। इससे न केवल कागज़ी दस्तावेज़ों की जरूरत घटेगी, बल्कि बार-बार यात्रा करने वालों के लिए प्रक्रिया आसान और तेज़ हो जाएगी।
पहली बार देना होगा बायोमेट्रिक डेटा
डिजिटल प्रणाली के अंतर्गत वीज़ा के लिए पहली बार आवेदन करने वाले यात्रियों को अपने बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और फोटो) व्यक्तिगत रूप से किसी वीज़ा केंद्र में जाकर जमा कराने होंगे। हालांकि, एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, भविष्य की यात्राएं कहीं अधिक सुगम हो जाएंगी।
क्या है शेंगेन वीज़ा और इसके अंतर्गत कौन-कौन से देश आते हैं?
शेंगेन वीज़ा एक शॉर्ट टर्म वीज़ा है जो धारक को शेंगेन क्षेत्र में 90 दिनों तक यात्रा करने की अनुमति देता है। शेंगेन क्षेत्र में वर्तमान में 29 यूरोपीय देश शामिल हैं, जिनमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड, बेल्जियम, पुर्तगाल, स्विट्ज़रलैंड, स्वीडन, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, नॉर्वे, फिनलैंड, हंगरी, पोलैंड और डेनमार्क जैसे प्रमुख देश शामिल हैं।
डिजिटल भविष्य की ओर एक और कदम
EU का यह फैसला यात्रा को डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि यात्रियों के लिए एक सुविधाजनक और आधुनिक अनुभव भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
