पंजाब और हरियाणा के बीच लंबे समय से विवादित रहे सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के मुद्दे पर आज दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी शामिल हुए। बैठक के बाद सभी नेताओं ने इसे सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बताया।
CM मान बोले – सिंधु जल संधि रद्द हो जाए तो सुलझेगा पानी का मसला
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की असली समस्या पानी की है। उन्होंने कहा, “अगर सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया जाए तो पंजाब को उसके हिस्से का पानी मिल सकता है। आज की स्थिति में विवाद सिर्फ 2-3 MAF (मिलियन एकड़ फीट) का है, लेकिन अगर संधि रद्द हुई तो 24 MAF तक पानी पंजाब को मिल सकता है।”
ट्रंप का जिक्र कर बोले – सोशल मीडिया पर न कर दें ऐलान
सीएम मान ने चर्चा के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी नाम लेते हुए कहा, “मैं बस यही दुआ करता हूं कि ट्रंप कहीं सोशल मीडिया पर ऐसा ऐलान न कर दें कि सिंधु जल संधि को दोबारा लागू कर दिया गया है। अगर ऐसा हुआ तो मुश्किल खड़ी हो जाएगी।”
पंजाब को मिलेगा पानी, तो देश को देगा अन्न: मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को यदि रावी और चनाब नदियों से उसका हक़ का पानी मिल जाए, तो पंजाब न सिर्फ खुद को, बल्कि पूरे देश को अन्न उगाकर दे सकता है। मान ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पंजाब, हरियाणा को पानी देने में भी सहयोग करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब और हरियाणा की आम जनता में कोई दुश्मनी नहीं है, यह विवाद सिर्फ राजनीतिक बना दिया गया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने जताई सकारात्मकता की उम्मीद
वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उम्मीद जताई कि इस बार बातचीत किसी नतीजे तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए आपसी समझ बनानी चाहिए।
जल्द हल की उम्मीद
बैठक के बाद सीएम मान ने कहा कि चर्चा का माहौल सकारात्मक रहा और उम्मीद है कि अब कुछ कदम आगे बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, ऐसे में जल प्रबंधन और आपसी सहयोग पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है।
