दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मामूली सी पार्किंग को लेकर शुरू हुई बहस ने एक मासूम की जान ले ली। इस हमले में बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चचेरे भाई आसिफ कुरैशी की हत्या कर दी गई। गुरुवार रात करीब 11 बजे यह घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया।
क्या हुआ था उस रात?
पुलिस के अनुसार, यह विवाद घर के गेट के सामने स्कूटी खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ। आसिफ कुरैशी ने कुछ लड़कों से कहा कि वे उनके घर के दरवाजे के सामने स्कूटर न लगाएं, क्योंकि इससे घर का रास्ता बंद हो जाता है। लेकिन बात बढ़ गई और मामला तकरार से हाथापाई तक जा पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झगड़े के दौरान आरोपियों ने आसिफ पर किसी नुकीली चीज से हमला कर दिया। यह हमला इतना गंभीर था कि आसिफ के सीने से तेज़ी से खून बहने लगा। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पत्नी ने बताया पूरा मंजर
मृतक की पत्नी ने घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच पड़ोस के एक लड़के ने स्कूटर घर के दरवाजे के बिल्कुल सामने लगा दिया था। आसिफ ने विनम्रता से कहा कि गाड़ी थोड़ी साइड में कर दो, लेकिन उस लड़के ने गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी दी कि “अभी आकर बताता हूं।”
थोड़ी देर बाद वह लड़का अपने भाई के साथ नीचे आया और आसिफ पर हमला कर दिया। नुकीले हथियार से किए गए वार के बाद आसिफ गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी पत्नी ने तुरंत अपने देवर को फोन करके घर बुलाया, लेकिन जब तक मदद पहुंची, आसिफ की जान जा चुकी थी।
पुलिस की तेज कार्रवाई
वारदात की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जांच शुरू हुई और कुछ ही घंटों में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की भी तलाश शुरू कर दी है। अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इलाके में मातम और गुस्सा
इस घटना के बाद पूरे निजामुद्दीन इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। लोग हैरान हैं कि एक छोटा सा विवाद इतनी बड़ी त्रासदी में कैसे बदल गया। आसिफ को जानने वाले लोग उन्हें शांत और मिलनसार व्यक्ति बताते हैं। उनका यूं अचानक चले जाना परिवार और समाज के लिए गहरा सदमा है।
एक छोटी सी बहस, एक नुकीला हथियार और चंद मिनटों की हिंसा ने एक ज़िंदगी खत्म कर दी। यह घटना न केवल दुखद है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर समाज में गुस्से और असहिष्णुता का स्तर इतना कैसे बढ़ गया है।
