पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान मंगलवार को पटियाला स्थित ऐतिहासिक और पवित्र श्री काली माता मंदिर पहुंचे। उन्होंने माता रानी के दरबार में माथा टेककर प्रदेश की तरक्की, अमन और खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य की सेवा वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहेंगे।
जन–हित और विकास प्राथमिकता
माता के दरबार में आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जन–हितैषी और विकास–मुखी नीतियों का क्रियान्वयन है। उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही उनका संकल्प है और इसके लिए वह पूरी मेहनत से कार्य कर रहे हैं।
मंदिर का सांस्कृतिक महत्व
मुख्यमंत्री ने श्री काली माता मंदिर को पंजाब की सांस्कृतिक राजधानी पटियाला की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे पंजाब की समृद्ध परंपराओं और शाही संरक्षण का प्रतीक कहा।

प्रबन्धक कमेटी से बैठक
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर की नवनियुक्त प्रबन्धक कमेटी के साथ विस्तृत बैठक की। उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली और इनको समय पर पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पवित्र स्थल के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भेदभाव से ऊपर सेवा का संकल्प
मान ने माता रानी से प्रार्थना की कि उन्हें जाति, रंग, नस्ल और धर्म से ऊपर उठकर लोगों की सेवा करने की शक्ति मिले। उन्होंने कहा कि समाज में प्यार, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखना उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।

सौभाग्य की अनुभूति
मुख्यमंत्री ने माता रानी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें पंजाब के लोगों की सेवा का अवसर पाकर गर्व और सौभाग्य महसूस होता है। उन्होंने कहा कि श्री काली माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा और सकारात्मकता का केंद्र है और यहां आना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।
राज्य की तरक्की का वचन
दौरे के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार पंजाब की शांति, तरक्की और समृद्धि के लिए लगातार कार्यरत रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि माता रानी के आशीर्वाद से राज्य हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
