पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज ऐतिहासिक और पावन स्थल फतेहगढ़ साहिब का दौरा किया, जो सिख इतिहास में वीरता और बलिदान की अमर गाथा का प्रतीक है। यहां स्थित गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों — साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह जी और साहिबज़ादा फतेह सिंह जी — तथा माता गुजरी जी ने अपने अद्वितीय बलिदान से धर्म की रक्षा की थी।

मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में मत्था टेककर गुरु चरणों में सीस नवाया और सरबत के भले के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि की चਰਨ छोह प्राप्त करना उनके लिए जीवन का सौभाग्य है। “यहां आकर मन को जो शांति और सुकून मिला, वह शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता,” उन्होंने भावुक होकर कहा।
दौरे के दौरान भगवंत मान ने श्रद्धालुओं से संवाद किया और गुरु साहिब के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके साहिबज़ादों का बलिदान हमें हर परिस्थिति में सत्य, न्याय और धर्म के लिए खड़े रहने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार सिख इतिहास और संस्कृति से जुड़े पवित्र स्थलों के संरक्षण व विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस गौरवशाली विरासत से गहराई से जुड़ सकें।
फतेहगढ़ साहिब का यह दौरा केवल धार्मिक यात्रा नहीं था, बल्कि पंजाब की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहर के प्रति मुख्यमंत्री की गहरी आस्था और अटूट सम्मान का प्रतीक बन गया।
