मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के पूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में, रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने आज एक अहम बैठक की, जिसमें युद्ध स्मारकों के निर्माण और सैनिक विश्राम गृहों के नवीनीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई।
पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में हुई इस बैठक में रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार का लक्ष्य है कि स्वतंत्रता सेनानियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सम्मानजनक और बेहतर जीवन मिले। उन्होंने साफ कहा कि कल्याणकारी योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाना और पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में PWD की विशेष सचिव हरगुणजीत कौर ने मंत्री को राज्य में बन रहे युद्ध स्मारकों से जुड़ी ताज़ा जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई जिलों में युद्ध स्मारकों का निर्माण या मरम्मत कार्य चल रहा है। इस पर मंत्री ने निर्देश दिया कि इन कामों की रफ्तार और बढ़ाई जाए, ताकि जल्द से जल्द ये स्मारक तैयार होकर जनता को समर्पित किए जा सकें।
रक्षा सेवाएं विभाग के निदेशक, ब्रिगेडियर भुपिंदर सिंह ढिल्लों (सेवानिवृत्त) ने पिछले तीन महीनों की गतिविधियों की रिपोर्ट पेश की। इसमें पूर्व सैनिकों के लिए दी जा रही वित्तीय सहायता, शिक्षा संबंधी सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं और सैनिक विश्राम गृहों के नवीनीकरण की जानकारी शामिल थी। उन्होंने बताया कि कई सैनिक विश्राम गृहों की मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि कुछ में तेजी से काम जारी है।
मोहिंदर भगत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सैनिक विश्राम गृहों के नवीनीकरण और रखरखाव का काम समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि अगर किसी अधिकारी ने लापरवाही दिखाई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों से जुड़ी सभी फाइलें और मामले प्राथमिकता से निपटाए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता अभियान तेज किया जाए, ताकि जिन लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए, वे पूरी तरह इसका फायदा उठा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का योगदान देश के लिए अतुलनीय है। इसलिए, उनका सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है। मंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार के प्रयासों से पूर्व सैनिकों का जीवन स्तर बेहतर होगा और आने वाली पीढ़ियां भी उनके बलिदान से प्रेरणा लेंगी।
पंजाब सरकार की इस पहल से न केवल पूर्व सैनिकों को राहत मिलेगी, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनका हमेशा सम्मान किया जाएगा।
