पंजाब सरकार ने डॉ. हितेंद्र सूरी को ‘पंजाब सरकार प्रमाण पत्र-2025’ से किया सम्मानित
पंजाब के सरहिंद स्थित राणा अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. हितेंद्र सूरी को पंजाब सरकार ने प्रमाण पत्र-2025 से सम्मानित किया। यह राज्य का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव की मौजूदगी में प्रदान किया। यह सम्मान डॉ. सूरी के स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक कार्यों, खासकर पिछड़े वर्गों की भलाई के लिए किए गए विशेष योगदान की सराहना के तौर पर दिया गया।
दो दशकों से निस्वार्थ सेवा
डॉ. सूरी पिछले दो दशकों से अधिक समय से निस्वार्थ भाव से हज़ारों लोगों का जीवन बदल रहे हैं। वर्ष 2011 से वे लगातार मुफ़्त चिकित्सा शिविर आयोजित कर रहे हैं, जिसमें अब तक 2,700 निःशुल्क सर्जरी और 135 रेक्टल कैंसर जागरूकता शिविर शामिल हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान
डॉ. सूरी को अब तक 55 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें 2018 का धन्वंतरी पुरस्कार भी शामिल है, जो आयुर्वेद के क्षेत्र का सबसे बड़ा सम्मान है। इसके अलावा उनके नाम 23 रिकॉर्ड दर्ज हैं—8 अंतरराष्ट्रीय और 15 राष्ट्रीय—जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल हैं।
चिकित्सा जगत में अनोखी उपलब्धियां
डॉ. सूरी ने चिकित्सा इतिहास में 117 सेंटीमीटर लंबे फिस्टुला का आयुर्वेदिक क्षार सूत्रा तकनीक से सफल इलाज किया है। वे दो मेडिकल किताबों के लेखक और 11 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों के प्रकाशक भी हैं। उन्हें 2016, 2021, 2024 और 2025 में ज़िला पुरस्कार भी मिल चुका है।
नशा मुक्ति के लिए राष्ट्रीय रिकॉर्ड
पंजाब सरकार के “युद्ध नशियों के खिलाफ” अभियान के तहत आयोजित ‘रन फॉर लाइफ – एंटी ड्रग मैराथन’ का आयोजन डॉ. सूरी ने किया, जिसने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और नशा मुक्ति का सशक्त संदेश दिया। इसी दिन उन्हें डिप्टी कमिश्नर फतेहगढ़ साहिब द्वारा “प्रमाण पत्र” से भी सम्मानित किया गया।
जनता को समर्पित किया सम्मान
सम्मान मिलने के बाद डॉ. सूरी ने यह राज्य पुरस्कार “पंजाब की जनता” को समर्पित किया और अपने सफर में सहयोग देने वालों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें मानवता की सेवा और अधिक जुनून और समर्पण के साथ करने की प्रेरणा देगी। यह सम्मान डॉ. सूरी के सुनहरे सफर में एक और अध्याय जोड़ता है और उन्हें पंजाब के सबसे समर्पित स्वास्थ्य सेवाकर्मियों और सामाजिक सुधारकों में स्थापित करता है।
