पिछले कुछ समय से जिम करने वाले युवाओं में अचानक दिल के दौरे (हार्ट अटैक) के बढ़ते मामलों ने सभी को चिंता में डाल दिया है। इसी गंभीर मुद्दे को देखते हुए पंजाब सरकार ने अब कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। सरकार ने साफ किया है कि युवाओं की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सप्लीमेंट की होगी जांच
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब राज्य भर के सभी जिमों में इस्तेमाल होने वाले सप्लीमेंट की पूरी जांच की जाएगी। कई बार बाजार में ऐसे पाउडर, कैप्सूल या ड्रिंक आ जाते हैं जो जल्दी असर दिखाते हैं, लेकिन लंबे समय में सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जिम में दिए जाने वाले सप्लीमेंट पूरी तरह सुरक्षित हों।
ट्रेनर्स को मिलेगी सीपीआर ट्रेनिंग
सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ सप्लीमेंट की जांच तक सीमित नहीं रहेगा। जिम ट्रेनरों को अब सीपीआर (CPR) की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद की जा सके और युवाओं की जान बचाई जा सके। इस ट्रेनिंग को जिम मालिकों और ट्रेनरों के लिए अनिवार्य करने पर भी विचार हो रहा है।
क्यों जरूरी है यह कदम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में ज्यादा स्ट्रेन (दबाव) और बिना डॉक्टर की सलाह लिए सप्लीमेंट का सेवन करना दिल की धड़कन को असामान्य कर सकता है। खासकर तब, जब शरीर अभी विकास की अवस्था में होता है। ऐसे में ओवर-एक्सरसाइज और गलत सप्लीमेंट खतरनाक साबित हो सकते हैं।
बड़े शहरों से होगी शुरुआत
सरकार की योजना है कि पहले लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों के जिमों से सप्लीमेंट के नमूने लिए जाएंगे। इसके बाद छोटे शहरों और कस्बों तक यह जांच अभियान चलाया जाएगा।
जिमों पर नई गाइडलाइन
सरकारी आदेश के मुताबिक अब जिम में इस्तेमाल होने वाले सप्लीमेंट पैक पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, कंपनी का नाम और मंजूरी नंबर साफ-साफ लिखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही जिम ट्रेनरों को हमेशा इमरजेंसी मेडिकल किट रखनी होगी।
युवाओं और अभिभावकों में संतोष
इस फैसले के बाद युवाओं और उनके माता-पिता ने राहत की सांस ली है। उनका मानना है कि सरकार का यह कदम युवाओं की सेहत को सुरक्षित करने की दिशा में अहम साबित होगा। कई जिम मालिकों ने भी सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि अगर यह पहल स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए है तो वे पूरी तरह सहयोग करेंगे।
सुरक्षित जिम संस्कृति की ओर
पंजाब सरकार का यह कदम जिम संस्कृति को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। जहां एक ओर यह पहल युवाओं को सुरक्षित और स्वस्थ माहौल देगी, वहीं जिम इंडस्ट्री में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सरकार का स्पष्ट कहना है कि जो जिम नियमों और मानकों का पालन करेंगे, उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस तरह यह कदम न सिर्फ युवाओं की जान बचाने में मदद करेगा बल्कि समाज को फिटनेस के साथ सुरक्षा का भरोसा भी देगा।
