हरियाणा के सोनीपत से सोमवार की शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। पुलिस लाइन स्थित ब्लॉक-सी की लिफ्ट में फंसने से महिला सिपाही के दो साल के बेटे की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे पुलिस लाइन परिसर को गमगीन कर दिया है।
खेलते-खेलते हुआ हादसा
मृतक बच्चे का नाम उदवंश था। उसकी मां प्रियंका, हरियाणा पुलिस में महिला सिपाही के पद पर तैनात हैं। करीब एक माह पहले ही उनका अस्थाई तबादला कुरुक्षेत्र से सोनीपत हुआ था। बताया जाता है कि सोमवार की शाम उदवंश खेलते-खेलते ब्लॉक-सी की लिफ्ट तक पहुंच गया और उसी दौरान लिफ्ट में फंस जाने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत पुलिस लाइन पहुंचे। पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर बच्चे की मां और परिवार को ढांढस बंधाया। लेकिन हादसे ने पूरे पुलिस परिवार को हिला कर रख दिया। हर कोई गम में डूबा हुआ है।
लिफ्ट खराब होने की शिकायत पहले भी
घटना के बाद कई परिजनों और पुलिस लाइन में रहने वालों ने आरोप लगाया कि ब्लॉक-सी की लिफ्ट लंबे समय से खराब थी। इसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते लिफ्ट की मरम्मत करवा दी जाती, तो यह हादसा नहीं होता।
हादसे के बाद पुलिस कमिश्नर कैमरों से बचती नजर आईं। वहीं, परिवार के लोगों और सहकर्मियों का गुस्सा साफ झलक रहा था। सबका कहना है कि एक मासूम की जान सिर्फ लापरवाही की वजह से गई है।
जांच शुरू, लेकिन सवाल बरकरार
अधिकारियों का कहना है कि हादसे की पूरी जांच करवाई जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि पुलिस लाइन के भीतर रह रहे लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पहले ही खराबी की जानकारी दी गई थी, तो मरम्मत क्यों नहीं करवाई गई?
मातम का माहौल
पुलिस लाइन में रहने वाले जवानों और उनके परिवारों के बीच गहरी मायूसी है। महिला सिपाही प्रियंका अपने मासूम बेटे को खोकर बदहवास हैं। साथी कर्मचारी और अधिकारी उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं। पूरे परिसर में मातम का माहौल है।
लापरवाही से गया एक मासूम
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताई जा रही है। परिवार और पुलिस लाइन में रहने वाले लोग अब यही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो उदवंश की जान बच सकती थी।
सोनीपत पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन मासूम की मौत ने सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
