भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने शुक्रवार को पोंग डैम से करीब 74,995 क्यूसेक पानी छोड़ा। पानी के तेज़ बहाव और बढ़े हुए स्तर ने ब्यास नदी पर बने रियाली मंड पुल को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचाया है। यह पुल पंजाब और हिमाचल प्रदेश को जोड़ता है और क्षेत्र की आवाजाही के लिए बेहद अहम है।
पुल पर बढ़ा दबाव, भारी वाहन रोके गए
तेज़ धारा के कारण पुल के ढांचे पर ज़्यादा दबाव पड़ रहा है, जिससे इसकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन चिंतित है। सावधानी बरतते हुए पुल को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने पुल के दोनों सिरों पर बैरिकेड लगाकर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
मौके पर पहुंची विशेषज्ञ टीम
पुल की सुरक्षा और संरचना का आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ टीम मौके पर भेजी गई है। टीम पुल की स्थिति का जायज़ा लेकर तय करेगी कि इसे दोबारा सुचारु रूप से कब तक खोला जा सकता है।
पानी के स्तर पर लगातार नज़र
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम 6 बजे पोंग डैम झील में पानी की आवक 39,549 क्यूसेक दर्ज की गई, जबकि डैम का जल स्तर 1383.43 फीट तक पहुंच गया। पोंग डैम से पानी टर्बाइनों और स्पिलवे गेट्स के जरिए छोड़ा जा रहा है।
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शाह नहर बैराज से ब्यास नदी में: 63,270 क्यूसेक पानी
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मुक़ेरियां हाइडल नहर में: 11,500 क्यूसेक पानी
ब्यास नदी किनारे बाढ़ का खतरा
पानी के स्तर में अचानक बढ़ोतरी से ब्यास नदी के आस-पास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खासकर गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर और कपूरथला जिलों के निवासियों को प्रशासन ने सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए है। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतज़ाम किए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
