पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश का असर अब मैदानों में दिखने लगा है। रावी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बीते दिन नदी में करीब 2 लाख 70 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद हालात और ज्यादा गंभीर हो गए।
सात गांवों का संपर्क हुआ बाधित
जानकारी के मुताबिक, नदी के पार बसे 7 गांवों को जोड़ने वाली नाव सेवा (मकौड़ा पत्तन पर किस़्ती सुविधा) को बंद कर दिया गया है। पानी खेतों में भी घुस गया है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन गांवों का बाकी इलाकों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।
स्कूलों में पड़ी छुट्टी
पानी का स्तर बढ़ने का असर शिक्षा पर भी दिखा। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में बच्चे और शिक्षक नहीं पहुंच पाए, जिसके चलते आज मजबूरन छुट्टी करनी पड़ी। प्रशासन के लिए यह एक नई चुनौती बन गई है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
एसडीएम दिनानगर जसपिंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि नदी किनारे बसे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना किसी जरूरी काम के नदी की ओर न जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि हालात पर प्रशासन पल-पल नजर रख रहा है और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।
हालात पर नजर
लगातार बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
