दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई। 24 कैरेट सोना अब ₹1,01,783 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग ₹10 कम है। वहीं, 22 कैरेट सोना ₹93,313 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, इसमें भी ₹10 की गिरावट आई है।
24 कैरेट सोना: अब भी सबसे ज्यादा डिमांड में
24 कैरेट सोना यानी शुद्धतम सोने की सबसे ज्यादा मांग बनी हुई है। शादी-ब्याह और निवेश के लिहाज से लोग अधिकतर इसी कैटेगरी में खरीदारी करते हैं। हल्की गिरावट के बावजूद कीमतें अभी भी ₹1 लाख के ऊपर बनी हुई हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए थोड़ी राहत जरूर मानी जा सकती है।
22 कैरेट सोना: जेवरात बनाने के लिए लोकप्रिय
22 कैरेट सोना आमतौर पर गहने बनाने में इस्तेमाल होता है। दिल्ली में इसका भाव ₹93,313 प्रति 10 ग्राम रहा। यह हल्की गिरावट उन ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है जो निकट भविष्य में सोने के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं। सर्राफा कारोबारी मानते हैं कि इस स्तर पर खरीदारी बढ़ सकती है।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव क्यों?
सोने की दरें अक्सर कई कारकों पर निर्भर करती हैं। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती या कमजोरी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और कच्चे तेल की कीमतें इसमें अहम भूमिका निभाती हैं। हाल ही में अमेरिकी फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के “डोविश” यानी ब्याज दरों में कटौती के संकेत वाले बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने को सहारा दिया। हालांकि, डॉलर में मजबूती के चलते घरेलू बाजार में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर दिल्ली पर भी
वैश्विक स्तर पर सोमवार को सोना $3,367 प्रति औंस के करीब ट्रेड कर रहा था। यह अपने दो सप्ताह के उच्च स्तर से थोड़ा नीचे आया है। चूंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में से एक है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में मामूली उतार-चढ़ाव का सीधा असर दिल्ली समेत अन्य शहरों की कीमतों पर पड़ता है।
निवेशकों और ग्राहकों के लिए क्या मतलब है?
सोने में निवेश लंबे समय से सुरक्षित विकल्प माना जाता है। मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर हो सकती है। वहीं, ग्राहकों के लिए भी यह समय सोना खरीदने के लिहाज से उपयुक्त है, खासकर उन लोगों के लिए जो आने वाले त्योहार या शादी-ब्याह के सीजन में गहनों की खरीदारी की सोच रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि सोने की कीमतें आगे भी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू मांग पर निर्भर रहेंगी। अगर डॉलर कमजोर होता है और ब्याज दरों में कटौती होती है तो सोने का भाव फिर तेजी पकड़ सकता है। वहीं, अगर डॉलर मजबूत बना रहता है तो सोना स्थिर रह सकता है या मामूली गिरावट दर्ज कर सकता है।
