पंजाब में लगातार हो रही बारिश और उससे पैदा हुए बाढ़ जैसे हालातों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। विभाग का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों को विशेष निर्देश दिए गए हैं और डॉक्टरों से लेकर कर्मचारी तक 24 घंटे अलर्ट पर हैं।
गुरु नानक देव अस्पताल, सरकारी टीबी अस्पताल और ईएनटी अस्पताल समेत सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्थाओं को मज़बूत किया गया है। दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करा दिया गया है और अस्पताल प्रशासन को आदेश दिए गए हैं कि ज़रूरत पड़ने पर किसी भी समय डॉक्टर और स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद रहें।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 30 विशेष मेडिकल टीमें बनाई गई हैं, जिनमें वरिष्ठ डॉक्टरों को सीधे निगरानी की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग ने ज़िला स्तर पर भी सभी सीनियर मेडिकल अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वे चौबीसों घंटे फ़ोन पर उपलब्ध रहें और यदि ज़रूरत पड़े तो खुद मौके पर पहुँचकर सेवाओं की कमान संभालें।
सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर ने बताया कि ज़िले में करीब 80 सरकारी एंबुलेंस पूरी तरह अलर्ट पर हैं। इसके अलावा 15 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें भी गठित की गई हैं, जो तुरंत प्रभावित इलाकों में जाकर मदद कर सकेंगी।
गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. करमजीत सिंह ने कहा कि अस्पताल में सभी आवश्यक इंतज़ाम पूरे कर लिए गए हैं। वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल-डायरेक्टर डॉ. राजीव देवगन ने बताया कि कॉलेज के अधीन आने वाले सभी अस्पतालों को आदेश दिए गए हैं कि अधिकारी हर समय संपर्क में रहें।
सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और इंचार्ज डॉ. स्वर्णजीत धवन ने कहा कि बाढ़ प्रभावित मरीज़ों के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई मरीज़ अस्पताल आता है तो उसकी पूरी निगरानी के साथ उपचार किया जाएगा। ओपीडी और इमरजेंसी दोनों में दवाइयों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। साथ ही, अस्पताल के ब्लड बैंक में भी खून की कोई कमी नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि उनका पूरा नेटवर्क इस वक्त सतर्क है। सुबह, दोपहर और शाम को विशेष मेडिकल टीमों की ड्यूटी तय कर दी गई है, ताकि किसी भी समय इलाज में रुकावट न आए।
अधिकारियों ने कहा है कि बाढ़ जैसे हालातों से केवल लोगों के घर और रोज़मर्रा की ज़िंदगी ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ जाता है। इसीलिए सरकार ने पहले ही व्यापक तैयारी कर ली है ताकि किसी भी चुनौती से तुरंत निपटा जा सके।
पंजाब का स्वास्थ्य विभाग और गुरु नानक देव अस्पताल समेत तमाम सरकारी संस्थान पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित और समय पर चिकित्सा सुविधा देने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।
