पंजाब में पिछले दिनों हुई तेज़ बारिश और नदियों के उफान ने कई ज़िलों में हालात गंभीर कर दिए हैं। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों में बढ़े जलस्तर से राज्य के 7 ज़िलों के हज़ार से अधिक गाँव प्रभावित हुए हैं। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं और हज़ारों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं।
लाखों एकड़ फसलें बर्बाद
बाढ़ के कारण करीब 3 लाख एकड़ से अधिक फसल जलमग्न हो चुकी है। किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से लोगों के घरों और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर भी असर पड़ा है।
बड़े पैमाने पर राहत अभियान
कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने जानकारी दी कि अब तक 11,330 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। प्रभावित इलाकों में 87 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहाँ रहने, खाने और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए दिन-रात काम तेज़ किया है।
सरकार ने दी भरोसे की बात
मंत्री गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से लेकर स्थानीय प्रशासन तक हर स्तर पर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह से बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद पहुँचाई जाएगी।
बारिश और जलस्तर पर नज़र
जानकारी के अनुसार, इस बार पंजाब में 14 लाख 11 हज़ार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है। इसमें से 2 लाख क्यूसेक डैमों से छोड़ा गया जबकि बाकी पानी हिमाचल, जम्मू और अन्य राज्यों से नदियों व खड्डों के ज़रिए पंजाब में पहुँचा। इसी कारण कई ज़िलों में पानी फैलने से तबाही हुई है।
