दुनिया भर में जारी आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। 1 सितंबर को सर्राफा बाजार में सोना 2,404 रुपये बढ़कर 1,04,792 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गया। वहीं चांदी भी 5,678 रुपये की छलांग लगाकर 1,23,250 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
एक साल में सोना हुआ 28,630 रुपये महंगा
अगर इस साल की शुरुआत से तुलना करें तो 1 जनवरी को 24 कैरेट सोने की कीमत 76,162 रुपये थी। अब तक सोना 28,630 रुपये महंगा होकर 1.05 लाख रुपये के करीब पहुँच चुका है। इसी अवधि में चांदी भी 37,233 रुपये बढ़कर 1,23,250 रुपये पर पहुँच गई है। पिछले साल 2024 में सोना करीब 12,810 रुपये महंगा हुआ था, लेकिन इस बार बढ़ोतरी कहीं ज्यादा है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने का भाव
दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,06,030 और 22 कैरेट ₹97,200 है।
मुंबई व कोलकाता में 24 कैरेट ₹1,05,880 और 22 कैरेट ₹97,050 है।
चेन्नई और भोपाल में भी कीमत लगभग समान स्तर पर दर्ज की गई है।
सोना 1.08 लाख और चांदी 1.30 लाख तक जा सकती है
केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ते तनाव से सोना निवेशकों के लिए और भी आकर्षक हो गया है। उनका अनुमान है कि इस साल सोना 1,08,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच सकता है। वहीं, चांदी भी 1,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू सकती है।
सोने की कीमतों में उछाल के पाँच बड़े कारण
-
वैश्विक अनिश्चितता – अमेरिका की टैरिफ नीतियों और व्यापार युद्ध के डर से निवेशक सोने की ओर भाग रहे हैं।
-
केंद्रीय बैंकों की खरीद – चीन और रूस जैसे देश बड़े पैमाने पर सोना जमा कर रहे हैं।
-
युद्ध और तनाव – रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति अब भी अस्थिर है।
-
महंगाई और कम ब्याज दरें – फेडरल रिजर्व की नीतियों ने सोना निवेश के लिए और आकर्षक बना दिया है।
-
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर – रुपये में गिरावट ने भी सोने को महंगा कर दिया है।
सिर्फ हॉलमार्क सोना ही खरीदें
विशेषज्ञों का सुझाव है कि हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हर ज्वेलरी पर 6 अंकों का हॉलमार्क यूनिक आईडी (HUID) होता है, जैसे – AZ4524। इससे खरीदार को यह सुनिश्चित होता है कि सोना शुद्ध है और कितने कैरेट का है।
