पंजाब इन दिनों प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। बीते दिनों हुई भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों में बादल फटने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसी बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और बरिंदर कुमार गोयल ने मकरोड़ साहिब पहुंचकर घग्गर नदी की मौजूदा स्थिति का जायज़ा लिया। उनके साथ डिप्टी कमिश्नर संगरूर राहुल चाबा और एसडीएम मूनक सूबा सिंह भी मौजूद रहे।
नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि फिलहाल घग्गर नदी में 12,075 क्यूसेक पानी बह रहा है, जबकि नदी की क्षमता 12,200 क्यूसेक है। इस समय खनौरी पर पानी का स्तर 747.7 फीट दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 748 फीट पर है। मंत्री अरोड़ा ने कहा कि दो साल पहले आई बाढ़ में नदी किनारे 15 जगहों पर दरारें आ गई थीं, जिन्हें अब मज़बूत कर दिया गया है।
नदी की संकरी चौड़ाई बनी चुनौती
मंत्री अरोड़ा ने बताया कि मकरोड़ साहिब तक घग्गर नदी की चौड़ाई 598 फीट है, लेकिन इसके आगे यह घटकर सिर्फ 198 फीट रह जाती है। यही वजह है कि आगे पानी इकट्ठा हो जाता है और किनारे टूटने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के कारण इस हिस्से को चौड़ा नहीं किया जा सकता, जिससे चुनौती और बढ़ गई है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
मौजूदा हालात को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर संगरूर राहुल चाबा ने निर्देश दिए हैं कि जिले में नदी किनारों पर रातभर चौकसी रखी जाए। इसके लिए “ठीकरी पहरे” यानी स्थानीय निगरानी व्यवस्था शुरू की गई है, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सरकार ने दिया भरोसा
कैबिनेट मंत्री अरोड़ा और गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि लोगों की सेवा और सहयोग का है।
