पंजाब में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने आए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने नाराजगी जताई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि पंजाब में बाढ़ माइनिंग के कारण आई है, लेकिन इस बयान को AAP ने गंभीर रूप से गलत और भ्रामक बताया।
कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल का पलटवार
AAP के वरिष्ठ नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब में इस वर्ष बारिश की स्थिति ऐतिहासिक रूप से गंभीर रही। हिमाचल प्रदेश, जम्मू और पाकिस्तान से आने वाले पानी के कारण बाढ़ आई है। गोयल ने स्पष्ट किया कि सतलज, ब्यास और रावी-घग्गर नदियों में माइनिंग के कारण बाढ़ आई, यह बात सही नहीं है।
सुरक्षा और नियंत्रण के कारण माइनिंग असंभव
मंत्री गोयल ने कहा कि रावी नदी के आसपास किसी भी प्रकार की माइनिंग की अनुमति नहीं है क्योंकि यह भारत-पाक सीमा के पास है और वहां मिलिट्री का नियंत्रण है। इसी तरह ब्यास नदी भी रिज़र्व है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की सुखना झील से छोड़ा गया पानी घग्गर नदी में जाता है, जिससे वहां का जलस्तर बढ़ा है।
बाढ़ राहत और सरकारी इंतजाम
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब में बाढ़ के कारण काफी नुकसान हुआ है, लेकिन अब पानी का स्तर घटने लगा है और राहत कार्य जारी हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, भोजन और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
केन्द्र सरकार से अपेक्षाएं
मंत्री ने केन्द्र सरकार से मांग की कि पंजाब सरकार का बकाया 60 हजार करोड़ रुपये जल्द रिलीज किया जाए। इसके अलावा, बाढ़ के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जाए ताकि प्रभावित जनता को तुरंत राहत मिल सके।
