सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में हल्की लेकिन सकारात्मक बढ़त देखने को मिली। विदेशी बाज़ारों से आए अच्छे संकेत और घरेलू स्तर पर ऑटो व बैंकिंग सेक्टर में मज़बूत खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। यही वजह रही कि दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 76.54 अंक यानी 0.09% बढ़कर 80,787.30 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 32.15 अंक यानी 0.13% चढ़कर 24,773.15 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स में 14 कंपनियों के शेयर बढ़त में रहे, जबकि 16 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
कौन से सेक्टर रहे मज़बूत?
लगभग सभी सेक्टरों में हरियाली देखने को मिली।
- ऑटो सेक्टर – सबसे बड़ा आकर्षण रहा। सरकार की ओर से जीएसटी सुधारों का फायदा ग्राहकों तक पहुँचाने के ऐलान के बाद ऑटो कंपनियों में जोश बढ़ गया।
- मेटल और रियल एस्टेट सेक्टर – यहाँ भी अच्छी खरीदारी हुई।
- बैंकिंग और फाइनेंस शेयर – लगातार निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
- तेल और गैस व फार्मा कंपनियां – यहाँ भी हल्की-फुल्की मजबूती नज़र आई।
प्रमुख कंपनियों का हाल
- महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, HDFC बैंक और टाटा स्टील के शेयर ऊँचाई पर बंद हुए।
- दूसरी ओर भारती एयरटेल और एशियन पेंट्स के शेयरों पर दबाव दिखा और इनमें गिरावट दर्ज हुई।
निवेशकों की गतिविधियाँ
शेयर बाजार के आँकड़ों के मुताबिक,
- विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को 1,304.91 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
- जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भरोसा दिखाते हुए 1,821.23 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
यह साफ है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों का समर्थन बाज़ार के लिए बड़ी ताकत साबित हुआ और विदेशी बिकवाली का असर ज़्यादा भारी नहीं पड़ा।
वैश्विक संकेत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बाज़ारों से अच्छे संकेत मिले। कच्चे तेल के दामों में तेजी देखने को मिली। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.19% बढ़कर 66.29 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया। इससे यह संकेत मिला कि ऊर्जा बाजार में भी स्थिरता बन रही है।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल रहा। भले ही बढ़त बहुत बड़ी न रही हो, लेकिन निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। खासतौर पर ऑटो सेक्टर की मजबूती और घरेलू निवेशकों की सक्रियता ने बाज़ार को सहारा दिया। आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियाँ और वैश्विक आर्थिक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।
आम निवेशकों के लिए यह संदेश है कि बाज़ार फिलहाल मज़बूत स्थिति में है। लेकिन किसी भी निवेश से पहले लंबी अवधि की सोच और सेक्टर पर ध्यान देना ज़रूरी है।
