पंजाब में रावी नदी के किनारे बसे कई गाँव हाल ही में आई बाढ़ की चपेट में आकर भारी नुकसान झेल रहे हैं। खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई है, घरों में पानी भर गया और लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसी स्थिति का जायजा लेने के लिए आज पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां सरहदी गाँव जैनपुर पहुँचे।
दौरे के दौरान संधवां ने गाँव के उस धुसी बाँध का निरीक्षण किया जो टूटने से पानी गाँवों में घुस गया था। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से राहत कार्यों की पूरी जानकारी ली और बाढ़ पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं। प्रभावित लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और अब सरकार से मदद की उम्मीद है।
संधवां ने कहा कि यह आपदा पूरी तरह प्राकृतिक है और किसी के वश में नहीं। लेकिन सरकार हर स्थिति में किसानों और गाँव वालों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही किसानों के लिए नई नीति लेकर आ रही है। इस नीति के अंतर्गत जिन किसानों की ज़मीनों पर बाढ़ का पानी सूखने के बाद रेत जम गई है, उन्हें यह रेत खुद बेचने का अधिकार दिया जाएगा। ऐसा करने से किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा सहारा मिलेगा और वे नुकसान की भरपाई कर पाएँगे।
इसके अलावा, स्पीकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार जाकर हालात पर नज़र रखें और लोगों को हर संभव सुविधा मुहैया कराएँ। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री समय पर और सही हाथों तक पहुँचे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गाँव जैनपुर और आसपास के अन्य इलाकों में प्रशासन की ओर से राशन, साफ पानी, दवाइयाँ और अस्थाई ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ से विस्थापित परिवारों को पक्के घरों में शरण दिलाई जा रही है ताकि किसी तरह की बीमारी न फैले। वहीं पशुओं की देखभाल और चारे की व्यवस्था पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।
कुलतार सिंह संधवां ने प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी तकलीफें जल्द दूर होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और आने वाले दिनों में ऐसे कदम उठाए जाएँगे जिससे किसी भी परिवार को अकेला महसूस न करना पड़े।
गाँववासियों ने स्पीकर के दौरे को सकारात्मक कदम बताया और कहा कि इससे उन्हें भरोसा मिला है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रही है।
इस तरह, पंजाब सरकार की ओर से राहत और पुनर्वास के प्रयास तेज़ हो चुके हैं और उम्मीद है कि आने वाले समय में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी।
