भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को शानदार प्रदर्शन किया। बीएसई सेंसेक्स 300 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 24,850 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा। आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में आई तेजी ने इस रैली को मजबूती दी।
वैश्विक संकेतों ने बढ़ाया उत्साह
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने निवेशकों के हौसले बुलंद कर दिए। अमेरिका से आई कमजोर रोजगार रिपोर्ट के बाद अब माना जा रहा है कि फेड अगली बैठक में दरें कम कर सकता है। इस खबर का सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखा और निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।
आईटी सेक्टर बना बाजार का हीरो
मंगलवार की बढ़त में आईटी सेक्टर की अहम भूमिका रही। खासकर इंफोसिस के शेयरों ने जोरदार तेजी दिखाई। कंपनी की ओर से बायबैक (शेयर पुनर्खरीद) की योजना लाने के ऐलान ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। नतीजतन, आईटी इंडेक्स में दमदार उछाल देखा गया, जिसने सेंसेक्स और निफ्टी को नई ऊंचाई पर पहुंचाया।
बैंकिंग शेयरों ने भी दिया सहारा
बाजार की मजबूती में बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों का भी बड़ा योगदान रहा। निजी बैंकों में खरीदारी देखने को मिली, वहीं सरकारी बैंकों में भी सकारात्मक माहौल रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती की संभावना से बैंकिंग सेक्टर को फायदा मिल सकता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। निवेशकों ने सेक्टोरल रूप से संतुलित खरीदारी की, जिससे व्यापक बाजार में तेजी का माहौल रहा। इससे यह संकेत मिला कि बाजार की रैली केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं है।
निवेशकों का मूड सकारात्मक लेकिन सतर्क
हालांकि आज का कारोबार निवेशकों के लिए फायदे का रहा, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां बाजार की दिशा तय करेंगी। अमेरिका और यूरोप की नीतियां, कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर की चाल पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फेडरल रिजर्व दरों में कटौती करता है, तो भारतीय बाजार में लंबी रैली देखने को मिल सकती है। हालांकि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
