सतलुज नदी के पास बढ़ते खतरे के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सांसद संत बलवीर सिंह सीचेंवाल की अपील के बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और बाढ़ से बचाव के लिए ज़रूरी इंतज़ाम शुरू कर दिए हैं।
संत सीचेंवाल की अपील पर मिली तुरंत मदद
सतलुज नदी के बांध के टूटने के खतरे को देखते हुए संत सीचेंवाल ने युवाओं से सेवा में आगे आने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि अगर बांध टूट गया तो हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संत सीचेंवाल से फोन पर बातचीत की और उनकी मांग पर तुरंत 10 हज़ार रेत की बोरियां भेजने के आदेश दिए। इन बोरियों से बांध को मज़बूत किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की तबाही से बचा जा सके।
सतलुज का जलस्तर और पिछली तबाही
संत सीचेंवाल ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि सतलुज नदी का जलस्तर फिलहाल 45 हज़ार क्यूसेक पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बांध टूट गया तो बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार मडाला सना क्षेत्र में बांध टूटने से लोगों को भारी तबाही झेलनी पड़ी थी। इसी अनुभव को देखते हुए उन्होंने युवाओं और प्रशासन से सतर्क रहने और सेवा में जुटने की अपील की है।
युवाओं से की खास अपील
संत सीचेंवाल ने कहा कि “जो युवा घरों में बैठे हैं, वे तुरंत यहां पहुंचें और सेवा में हाथ बंटाएं।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बोरी भरने और बांध को मज़बूत करने के काम में प्रशासन और सेवादारों का सहयोग करें। उनके मुताबिक, स्थानीय प्रशासन और कई समाजसेवी पहले से ही लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन खतरे को देखते हुए और मदद की ज़रूरत है।
सीएम मान का आश्वासन: नुकसान नहीं होने देंगे
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स (ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि संत सीचेंवाल से उनकी बातचीत हुई है और बांध को मज़बूत करने के लिए 10 हज़ार बोरियां भेज दी गई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सरकार हर स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।
प्रशासन अलर्ट, लोग सतर्क
प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचकर लगातार काम कर रही हैं। जेसीबी मशीनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली और सेवादारों की मदद से बांध को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोग और युवा भी सेवा में जुट गए हैं। सरकार और समाज दोनों की साझी कोशिशें इस संकट को टालने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही हैं।
